Monday, Jun 27, 2022
-->
manmohan singh and sharad pawar were in favor of agricultural reforms narendra tomar pragnt

कृषि कानून पर बोले नरेंद्र तोमर- कृषि सुधारों के पक्ष में थे मनमोहन सिंह और शरद पवार

  • Updated on 12/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान संगठनों का आंदोलन 34वें दिन भी जारी है। इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा कि यूपीए शासनकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और कृषि मंत्री शरद पवार (Sharad Pawar) कृषि सुधार करना चाहते थे, लेकिन 'राजनीतिक दबाव' के कारण इन्हें लागू नहीं कर सके। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेगी जो किसानों और गरीबों के लिए नुकसानदायक हो।

सिंघू बॉर्डर से ऑपरेट होगा पूरा किसान आंदोलन! पुलिस अलर्ट

कृषि मंत्री ने कहा ये
बता दें कि कृषि मंत्री नए कृषि कानूनों के प्रति अपना समर्थन जताने आए 11 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे जोकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर से आए थे। किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान कही गई बातों का हवाला देते हुए एक आधिकारिक बयान में कहा गया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुधार के लिए जो भी सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, कुछ वर्गों द्वारा उनका विरोध किया गया। हालांकि, यह सुधार देश की तस्वीर बदलने के लिए बेहद सहायक रहे हैं।'

ढांसा बाॅर्डर: अब दिल्ली के किसानों ने की भूख हडताल, आंदोलन को दिया समर्थन

गतिरोध समाप्त करने की सरकार कर रही कोशिश
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार गतिरोध समाप्त करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता कर रही है। उन्होंने कहा, 'कुछ ताकतें अपनी योजनाओं को पूरा करने के चलते किसानों के कंधों का उपयोग करने का प्रयास कर रही हैं।' कृषि मंत्री ने दावा किया, 'संप्रग शासकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कृषि मंत्री शरद पवार कृषि क्षेत्र में सुधार लाना चाहते थे। हालांकि, राजनीतिक दबाव के कारण उनकी सरकार निर्णय नहीं ले सकती थी।' इस बीच, शरद पवार ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि सरकार को किसान आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए।

बनेगी बात! किसान संगठनों ने भेजा बातचीत का प्रस्ताव, कहा-बुलाएं 29 दिसंबर को बैठक

किसान कृषि बिल का भी कर रहे समर्थन
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि संगठनों और मुख्यमंत्रियों ने कृषि क्षेत्र में सुधार की सिफारिश एवं समर्थन किया था। 11 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यहां पूसा स्थित एनएएससी परिसर में तोमर से मुलाकात की, जिनमें किसान इंडियन यूनियन (दिल्ली), राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन (उत्तर प्रदेश), कृषि जागरण मंच (पश्चिम बंगाल) और महाराष्ट्र कृषक समाज आदि शामिल रहे। इसके साथ ही अब तक नए कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले किसान संगठनों की संख्या करीब दो दर्जन तक पहुंच चुकी है।

Karnataka: विधान परिषद के डिप्टी स्पीकर धर्मेगौड़ा ने की सुसाइड, रेलवे ट्रैक पर मिला शव

30 दिसंबर को वार्ता के लिए बुलाया 
सरकार ने कहा प्रदर्शन कर रहे 40 किसान संगठनों से बात करने के लिए उन्हें 30 दिसंबर को बुलाया है। सरकार के इस कदम का एक मात्र यही उद्देश्य है कि किसी भी तरह से सरकार और किसानों के बीच चल रह गितरोध का समाधान निकाला जाए। आपको बता दें कि पिछले एक महीने से दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान डेरा डालकर कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। 

ये भी पढ़ें...

comments

.
.
.
.
.