Saturday, Jan 22, 2022
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'गली गुलियां' को पुरस्कार न मिलने से छलका मनोज बाजपेयी का दर्द, बोले...

  • Updated on 3/14/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड में आने वाले सभी कलाकारों का सपना होता है कि वह एक दिन पुरस्कार जीत सके और स्टेज पर आने का मौका मिले, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अवार्ड को देने में भी भेदभाव किया जाता है।

ऐसा हम नहीं ऐसा बॉलीवुड में शोहरत कमा चुका एक महान कलाकार का कहना है। हम बात कर रहे हैं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी की। दरअसल, मनोज बाजपेयी अपनी फिल्मों को किसी भी पुरस्कार समारोह में अवार्ड मिलने तो दूर नामांकन न होने से नाराज हैं।

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उन्होंने बुधवार को एक ट्वीट करते हुए कहा कि पुरस्कारों के वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने अपनी साल 2018 में आई फिल्म 'गली गुलियां' का पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा, अब तो आदत सी हो गई है कि मेरी सभी फिल्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशांसा मिलती है लेकिन तथाकथित मुख्यधारा के पुरस्कारों की नामांकन सूची तक में भी जगह नहीं मिलती, पुरस्कार मिलने की बात तो छोड़िये। अभी भी शोषण जारी है।

बता दें कि मनोज बाजपेयी की सभी फिल्में काफी सफलता हासिल करती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी काफी सराहना होती है। मनोज की फिल्म 'गली गुलियां' को बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2017 मियामी फिल्म फेस्टिवल, इंडियन फिल्म फेस्टिवल, शिकागो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2018 इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में दिखाया गया था।

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अभी हाल ही में मनोज की फिल्म 'सोनचिड़िया' भी रिलीज हुई है, उनके साथ इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और भूमि पेडनेकर भी लीड रोल में हैं।

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