Tuesday, Jul 23, 2019

23.51% बजट में से MCD के स्कूलों के लिए केवल 1.46%, बच्चों के साथ भेदभाव क्यों?- मनोज तिवारी

  • Updated on 7/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली (New Delhi) में शिक्षा (Education) को लेकर सियासी बवाल लगातार तूल पकड़ रहा है। दिल्ली बीजेपी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने एक बार फिर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को आड़े हाथों लिया। तिवारी ने कहा है कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) नगर निगम के स्कूलों के लिए जरूरत से बेहम कम बजट देती है, जिसके चले निगम के स्कूलों की दुर्दशा हो गई है। 

मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये खुलासा किया कि दिल्ली सरकार ने 53 हजार करोड़ रुपये के अपने बजट में 12,460 करोड़ रुपया शिक्षा के लिए आवंटित किया। जोकि कुल बजट का 23.51% होता है। दिल्ली सरकार के लगभग 1033 स्कूल हैं, जबकि 3 नगर निगमों में से सिर्फ एक नगर निगम के अधीन कुल स्कूलों की संख्या 745 है। दिल्ली सरकार ने निगम स्कूलों के लिए सिर्फ 1.46% फंड आवंटित किया। 

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'दिल्ली के बच्चों के साथ भेदभाव क्यों?'

तिवारी का कहना है कि निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी दिल्ली के ही हैं तो सरकार उनके साथ इतना भेदभाव क्यों कर रही है। एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे 5वीं के बाद दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले स्कूलों में ही तो आएंगे। अगर उनके पास बेसिक ज्ञान ही नहीं होगा तो वो आगे की पढ़ाई ठीक प्रकार से कैसे कर पाएंगे। 

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नीचे बैठकर पढ़ते हैं निगम के स्कूलों के बच्चे

बता दें कि आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के स्कूल की एक तस्वीस शेयर की थी जहां बच्चे जमीन पर बैठ कर पढ़ रहे थे। मनोज तिवारी का कहना है कि वो तस्वीर देखने के बाद मैने वहां के संबंधित अधितारियों से बातचीत और जांच की तो पता चला कि दिल्ली सरकार एमसीडी के स्कूलों को फंड ही इतना कम देती है। ऐसे में एमसीडी के बच्चों को बेहतर सुविधा कहां से दी जाएगी। 

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2000 करोड़ के घोटाले का आरोप

दिल्ली में स्कूलों की हालत को लेकर कुछ समय पहले से ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। हाल ही में मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार पर स्कूल बनान के नाम पर 2000 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया था। जिसका केजरीवास सरकार ने पूरी तरह से खंडन किया था।

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दिल्ली सरकार के स्कूल में बच्चे के सिर पर गिरा पंखा

इसके बाद मंगलवार को त्रिलोकपुरी में दिल्ली सरकार के एक स्कूल में छात्र के ऊपर पंखा गिर जाने से फिर से इस मामले ने तूल पकड़ लिया। मनोज तिवारी ने इस मामले में ट्वीट भी किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि 5 लाख के कमरे को 25 लाख में क्यों बनवाया गया। इतने में तो लेंटेर डाल कर पीओपी कर के टाप क्लास कमरा बन जाता है 800 रुपये प्रति स्क्वेर फ़ीट में, पता नहीं काहे 8800 रुपये प्रति स्क्वेर फ़ीट में बनाए ये कड़ी-टुकड़ी की छत वाले कमरे।  

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