Sunday, Oct 02, 2022
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many houses buried in debris due to overflow in pithoragarh, many missing musrnt

पिथौरागढ़ में अतिवृष्टि से कई घर मलबे में हुए दफन, कई लोग लापता

  • Updated on 7/28/2020

हल्द्वानी-पिथौरागढ़/ ब्यूरो। जनपद पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में मौसम का रौद्र रूप लोगो को डरा रहा है। बंगापानी में कुछ दिन पहले ही पूरा गांव ही दफन हो गया। अब तक 12 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार देर रात को फिर से बादलों का कहर बरपा।

धारचूला व मुनस्यारी में बारिश ने तबाही मचाई है। यहां बीआरओ का पुल बह गया है। 100 से अधिक गावों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जराजीबली, गलाती, बरम सहित कई गावों में पानी घुसने से लोगों में दहशत है।

जराजिबली निवासी आनंद धामी ने बताया भारी बारिश के बाद नाला गांव की तरफ़ पलटा है। जिससे एक मकान में मलबा घुस गया। दो महिलाएं लापता बताई जा रही हैं। गांव वाले खोजबीन कर रहे हैं। जौलजीबी मुनस्यारी मार्ग पर चामी और मेतली के बीच दगड़ी गाड़ का पुल बह गया है। इसके अलावा चामी में मोटर व पैदल पुल दोनों बह गए हैं।

भारी बारिश से जारा जिबली में भारी नुकसान हो गया है। 4 पैदल चलने वाले पुल और कई घरों में नुकसान हुआ है। मुनस्यारी में चामी के पास वाला पुल, मोरी के पास पूरा कलमठ टूटने से दो मकान और दो वाहन मलबे में दब गए हैं। जरगाड़ का पुल खतरे की जद में आ गया है।

जराजिबली गांव में 1 महिला लापता है और कई मकानों में मलबा घुस गया है। मवानी दबानी गांव के 28 परिवार खतरे को देखते हुए स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी हो रही है। मनकोट के 9 परिवार खतरे को देखते हुए कल रात से ही घर छोड़ कर जंगलों की तरफ प्लास्टिक के टेंटों में रह रहे हैं।

वहीं धारचूला के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने आपदा प्रभावित क्षेत्र धामी गांव का भम्रण किया। भारी बारिश के बाद मार्ग बंद होने से एसडीएम ने गरारी की सहायता से गोरी नदी पार की। उन्होंने धामी गांव पहुंचकर आपदा प्रभावित से बात की और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।

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