Saturday, Mar 23, 2019

शहीद अवधेश की कैंसर पीड़ित मां को है बेटे का इंतजार, उसे नहीं पता कि बेटा अब कभी नहीं आएगा

  • Updated on 2/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए उस आत्मघाती हमले में 42 जवान ही शहीद नहीं हुए थे। उन जवानों के शहीद होने के साथ कई पत्नियां भी बेवा हुईं, कई मांओं की गोद सूनी हो गई, कईयों के सर से बाप का साया उठ गया और कई बहनों ने अपने भाई खो दिये।

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शहीद हुए जवानों में चंदौली के लाल अवधेश यादव भी थे। इस घटना से अंजान शहीद अवधेश की मां आज भी अपने लाल की बाट जोह रही है। अवधेश 45वीं बटालियन में तैनात थे। अवधेश की मां कैंसर से पीड़ित हैं। पड़ोसियों का कहना है कि अभी घर की महिलाओं को इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है।

चूंकि उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं इसलिए लोग एहतियात बरत रहे हैं। यूपी के चंदौली में आज मातम पसरा हुआ है। लेकिन वहीं घर के एक कोने में बैठी एक मां है जो इंतजार कर रही है अपने बेटे का, जो बार्डर पर शहीद हो चुका है। अवधेश यादव कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे लेकिन 2 दिन पहले ही 12 फरवरी को वापस ड्यूटी पर लौट गए।

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कश्मीर में तैनात कमांडेंट वेद प्रकाश ने उनकी मौत की पुष्टि की है। हालांकि ग्रांम वासियों को अभी भी आधिकारिक संदेश का इंतजार है। अवधेश यादव 2010 में ही सेना में भर्ती हुए थे। साल 2014 में उन्होंने शिल्पी यादव से शादी की थी।

उनका एक दो साल का बेटा भी है। वह सीआरपीएफ के 45वीं बटालियन में रेडियो ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। अवधेश की बहन पूनम और नीलम का रो-रोकर बुरा हाल है। अवधेश की मां मालती देवी इस घटना से बिल्कुल अंजान हैं, बेटे का जिक्र कई बार अपनी जुबांन से कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कौन समझाए कि अब उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा।

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