Monday, Oct 22, 2018

एक किलो मसूर की दाल से बनी दुर्गा की प्रतिमा, एक मूर्ति की कीमत 40 हजार

  • Updated on 10/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नवरात्र शुरु हो गए हैं और मां दुर्गा का मनमोहक मूर्तियों के लेकर कारीगर अंतिम स्वरुप देने में जुट गए। हर साल मां की प्रतिमा को लेकर नए नए प्रयोग किए जाते हैं। इस बार भी कुछ ऐसी ही किया गया है। जहां एक और गणेश उत्सव में इको फ्रेंडली मूर्तियों का चलन बढ़ गया है वहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं को लेकर ईको फ्रेंडली मूर्तियों का प्रयोग जारी है। इस बार भी कुछ ऐसा ही किया गया है। 

गोरखपुर के साहबगंज किराना मंडी में नवरात्रों में मां की प्रतिमा को मसूर की दाल से बनाया गया है। ये इको फ्रेंडली मूर्ति सभी के आकर्षण का केंद्र बनी है। इसे देखने लोग दूर-दूर से आ रहे हैं। इस मूर्ति को बनाने में करीब सौ किलो दाल खर्च हुई है। इसे गोरखपुर के कलाकार प्रवीण विश्‍वास  ने बनाया है। 63 साल के प्रवीण विश्‍वास पश्चिम बंगाल के नवदीप धाम के रहने वाले हैं। वे 48 साल से गोरखपुर में प्रतिमाएं बना रहे हैं। 

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गोरखपुर में प्रवीण को लगभग 55 इको फ्रेंडली मूर्तियों का आर्डर मिला है जिसमें लगभग हर मूर्ति में 100 किलो दाल का प्रयोग हो रहा है। साथ ही मूर्ति बनाने में हर्बल पेंट का ही इस्तेमाल होता है। प्रवीण की एक मूर्ति की कीमत 40 हजार रुपए है।

वैसे कोई आम मूर्ति 20 से 25 हजार की बनती है उस हिसाब से प्रवीण का कहना है कि वो अपनी कला की कीमत ले रहे हैं। प्रवीण रेलवे स्‍टेशन, गोरखनाथ, मेडिकल रोड, कूड़ाघाट, खोराबार, सूबा बाजार और रेतीरोड पर लगने वाली मूर्तियों को तैयार कर रहे हैं। इसमें उनके साथ पश्चिम बंगाल से 30 कारीगर काम कर रहे हैं। 

बता दें ये पहले मौक नहीं है इससे पहले भी दुर्गा की मूर्तियों को लेकर कलाकार तरह-तरह क प्रयोग करते रहते हैं। मूर्तियों के विसर्जन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर लोगों में एक अलग तरह की चेतना आई है। इसी के चलते तेजी से ईको फ्रेंडली मूर्तियों को चलन तेजी से बढ़ा रहा है। 

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