Tuesday, Jul 23, 2019

मुड़िया पूनों मेले की अपनी ही है धार्मिक-सांस्कृतिक अहमियत

  • Updated on 7/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) के मथुरा जनपद में प्रतिवर्ष आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला पांच दिवसीय मेला (जिसे अक्सर गुरु पूर्णिमा एवं स्थानीय स्तर पर मुड़िया पूनों मेला कहा जाता है) शुक्रवार से प्रारम्भ हो गया। इसके अलावा यहां श्रद्धालूओं का आगमन एक दिन पहले से ही शुरु हो गया था।

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500 वर्ष पुराना है इसका इतिहास
मुड़िया पूनों मेले का इतिहास 500 वर्ष पुराना है, इस दिन लोग गिरराज जी की परिक्रमा करते हैं कहा जाता है कि 500 वर्ष पहले मुड़िया पुर्णिमा संतो ने अपने गुरू श्री पाद सनातन गौस्वामी की याद में अपना सिर मुंडन कराकर पांच दिन की शोभायात्रा निकाली थी। उसके बाद से आज तक यह मनाया जा रहा है।

क्या हैं तैयारियां
 जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि, ‘‘यह मेला इस बार 12 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है जो आषाढ़ पूॢणमा की रात 16 जुलाई तक चलेगा। इस अवसर पर देश-विदेश से 80 लाख से अधिक परिक्रमार्थियों के यहां आने का अनुमान है। इसीलिए मेले को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आठ सुपर जोन, 21 जोन व 60 सेक्टरों में विभाजित कर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।’’ 

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जाम से छुटकारा पाने के लिए की गयी हैं व्यवस्था
अधिकारीयों ने बताया, ‘‘मेले के दौरान सड़क पर जाम न लगे, इस विषय पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है। चूंकि दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) से आने वाले श्रद्धालु निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, इसे ध्यान में रखते हुए गोवर्धन पहुंचने वाले हर मार्ग पर गोवर्धन से तीन किमी पूर्व ही 42 स्थानों पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है। दिल्ली से सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालु कोसीकला से नन्दगाव, बरसाना होते हुए गोवर्धन पहुंच सकेंगे। भरतपुर से आने वाले सौंख और डीग से गोवर्धन पहुंच सकेंगे जबकि अलीगढ़, हाथरस, आगरा से आने वाले श्रद्धालु गोवर्धन चैराहा होकर ही गोवर्धन पहुंच सकेंगे।’’ 

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सुरक्षा के लिए लगाये गयें हैं सीसीटीवी कैमरें 
उन्होंने बताया, ‘‘इसके साथ ही पूरे परिक्रमा मार्ग में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। इनके अलावा सुरक्षा के लिए मेले के चप्पे-चप्पे पर ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। हर सुपर जोन पर एक पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है।’’ रेलवे के जन सम्पर्क अधिकारी के अनुसार उत्तर मध्य रेलवे भी मेले में दस अतिरिक्त ट्रेनें अतिरिक्त कोचों के साथ संचालित की जाएंगी, जो मथुरा-कासगंज, मथुरा-अलवर रेलखण्डों पर चलेंगी।

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