Monday, Jan 30, 2023
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maximum number of workers reached bihar and bengal from special train djsgnt

50 करोड़ रुपये की लागत से अब तक चली 76 श्रमिक ट्रेन, बंगाल और बिहार पहुंचे अधिकतर यात्री

  • Updated on 5/6/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस का कहर थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। वायरस से रोकथाम के लिए देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए भारत सरकार स्पेशल ट्रेन चला रही है। मंगलवार को भारतीय रेलवे ने कहा कि 1 मई से अब तक 76 श्रमिक विशेष ट्रेनें चला चुका है, जिनमें करीब 70 हजार श्रमिक यात्रा कर चुके हैं।

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85 फीसदी खर्च केंद्र उठाएगी
रेलवे के अनुसार चार मई तक 55 ट्रेनें चलाई जा चुकी थीं। रेलवे ने अभी आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि इन सेवाओं पर कितनी रकम खर्च हो रही है। सरकार का कहना है कि इसका 85 प्रतिशत खर्च केन्द्र सरकार जबकि 15 प्रतिशत खर्च राज्य सरकारें उठाएंगी। अधिकारियों ने हालांकि संकेत दिये हैं कि मंगलवार सुबह तक चलाई गयीं 67 ट्रेनों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। सूत्रों ने कहा कि रेलवे, प्रति श्रमिक विशेष ट्रेन सेवा पर लगभग 80 लाख रुपये खर्च कर रहा है।

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बंगाल और बिहार पहुंचें मजदूर
कोरोना वायरस का संकमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से देशभर के विभिन्न इलाकों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गृह प्रदेश में पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा चलाई जा रहीं श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों से सबसे अधिक श्रमिक बिहार पहुंचे जबकि पश्चिम बंगाल के, अपने राज्य लौटने वाले कामगारों की संख्या सबसे कम है।

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