Wednesday, Sep 28, 2022
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मायावती ने BJP के साथ कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, महागठबंधन पर उठे सवाल

  • Updated on 9/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज भाजपा और कांग्रेस दोनों पर एक साथ तीर चलाए। मायावती ने साफ कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की गलत आर्थिक नीतियों पर ही केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार चल रही है, इसके कारण ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढोत्तरी हो रही है।

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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को सरकार के कंट्रोल से मुक्त करने की शुरुआत असल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में हो चुकी थी। फिर इसी नीति को 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद आगे बढ़ाया और जनता पर महंगाई की चपत लगाई। 

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बता दें कि बसपा ने कांग्रेस के बुलाए 10 सितंबर के भारत बंद से खुद को अलग रखा था, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का साथ दिया। आप सांसद संजय सिंह और विधायक सोमनाथ भारती एक मंच पर राहुल के साथ नजर आए।

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हैरानी की बात है कि मध्यप्रदेश में मायावती की पार्टी बसपा कांग्रेस के साथ गठजोड़ करके चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन ऐसा अब संभव होता नहीं दिख रहा है। यूपी में बसपा-सपा अब कांग्रेस को साथ लेकर चलने को तैयार नहीं दिखते हैं। 

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इसी वजह से मायावती ने केंद्र की सियासत में अपना कद बढ़ाने के लिए भाजपा के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधना शुरू कर दिया है। बसपा के इस हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब महागठबंधन में कांग्रेस का सभी को साथ लेकर चलना संभव ना हो पाए। इससे विपक्ष की एकता में बिखराव भी संभव है। इसका सीधा फायदा भाजपा को हो सकता है। 

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कांग्रेस के लिए मायावती का दूसरा झटका है। पहले उन्होंने भारत बंद में कांग्रेस का साथ नहीं दिया, वहीं अब कांग्रेस की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा है। इससे आने वाले दिनों में कांग्रेस की चिंता और ज्यादा बढ़ सकती हैं। इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। राजनीतिक पंडितों की माने तो मायावती ने इस तरह से कांग्रेस पर लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर अभी से कांग्रेस पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है। 

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