Tuesday, Nov 29, 2022
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mcd election: bjp''''s ''''pasmanda'''' experiment will come true!

MCD Election: BJP का ‘पसमांदा’ प्रयोग उतरेगा खरा! चार मुस्लिम प्रत्याशियों पर खेला दांव

  • Updated on 11/19/2022

नई दिल्ली/ निशांत राघव। एमसीडी चुनावों में भाजपा ने सभी वर्ग को साधने की कोशिशों में 4 मुस्लिमों प्रत्याशियों को भी मैदान में उतारा है। यह सभी पसमांदा मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। जिनकी देशभर के मुस्लिम वर्ग में करीब 80 से 85 फीसदी आबादी मानी जाती है।

2017 में एमसीडी में भाजपा ने मुस्लिम वर्ग से छह प्रत्याशियों को टिकट दिया था। हालांकि उनमें से  पांच की जमानत जब्त हो गई थी और एक प्रत्याशी का पर्चा रद्द हो गया था। कांग्रेस ने इस बार सर्वाधित 23 प्रत्याशियों को टिकट दिया है, आप ने दर्जन भर मुस्लिम प्रत्याशियों को उतारा है और एआईएमआईएम ने भी अपने पंद्रह प्रत्याशियों को इस बार उतारा है। 

इस बार यह सवाल और मौजूं हो गया है कि क्या मुस्लिम वर्ग भाजपा के खेमे में खुद को महफूज मानते हुए जाना पसंद करेगा क्योंकि कांग्रेस एमसीडी ही नहीं दिल्ली सरकार में भी लगातार वनवास झेल रही है, वहीं  आम आदमी पार्टी के नए किस्से भाजपा लगातार प्रचारित कर रही है। ऐसे में 7 दिसम्बर को निगम चुनाव के नतीजे यह साबित करेंगे कि भाजपा का यह प्रयोग मुस्लिमों में कितना खरा उतरा! 

दरअसल माना जाता है कि नगर निगम की 250 में से लगभग 60 सीटों पर मुसलमान मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा मुसलमान मतदाताओं के बीच जाकर कुछ वोट अपने प्रत्याशियों के लिए निश्चित करना चाहती है। दरअसल भाजपा लगातार मुसलमानों से अपनी दूरी कम करने की कोशिश कर रही है। हैदराबाद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचने के लिए पार्टी ने मुहिम भी चलाई हुई है। 

मुसलमान मतदाताओं को जोड़ने के लिए भाजपा दिल्ली नगर निगम चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर उनके बीच लोकप्रिय होने की कोशिशें भी करती रही है, लेकिन अब तक उसकी ये कोशिश नाकाम साबित हुई है। पिछली बार 2017 हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने सात मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था, लेकिन सबकी जमानत जब्त हो गई थी। यदि भाजपा कुछ मुसलमान मतदाताओं को भी लुभाने में कामयाब रही तो परिणाम बदल सकते हैं।

पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचकर भाजपा ने आगामी दिल्ली नगर निकाय चुनावों में समुदाय से तीन महिलाओं सहित चार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इनमें  सामाजिक कार्यकर्ता, एक भावी वकील और एक स्क्रैप डीलर शामिल हैं। पसमांदा समुदाय में 41 ‘जातियां’ हैं, जिनमें अंसारी, कुरैशी, मंसूरी, सलमानी और सिद्दीकी शामिल हैं।

वे कसाई और बुनकर जैसे व्यवसायों में हैं और सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से सबसे पिछड़े माने जाते हैं। 
मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले भाजपा उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें अपने वार्डों में लोगों से अच्छा समर्थन मिल रहा है। भाजपा ने चांदनी महल से इरफान मलिक, कुरैश नगर से समीना राजा, चौहान बांगर से सबा गाजी और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मुस्तफाबाद वार्ड से शबनम मलिक को मैदान में उतारा है।

इन इलाकों में है सर्वाधिक मुस्लिम आबादी

जाकिर नगर, अबुल फजल एंक्लेव में लगभग 98 प्रतिशत आबादी मुस्लिम,  मुस्तफाबाद,बाबरपुर,   सीलमपुर में करीब 80 प्रतिशत, ओखला, मटियामहल, जामा मस्जिद, दरियागंज, बल्लीमारान, इलाके में लगभग 99 फीसदी मुस्लिम आबादी है। चांदनी महल सीट, सीताराम बाजार, शास्त्री पार्क, चौहान बांगड़, श्रीराम खजूरी, करावल नगर, कुरेश नगर, कराड़ी विधानसभा में निठारी वार्ड, सीताराम बाजार, मंगाोलपुरी, पटेल नगर, सुल्तानपुर माजरा, मालवीय नगर, साकेत, हौज रानी, मादीपुर, अंबेडकर नगर और मौजपुर जैसे वार्ड भी इसमें शामिल है। 

क्या मानते हैं अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष 

अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एवं दिल्ली भाजपा प्रदेश के अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी आतिफ राशिद ने कहा कि दिल्ली में मुस्लिमों की लगभग 18 फीसदी से अधिक आबादी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से सबका विकास और सबका साथ और सबका विश्वास की नीति लेकर चल रहे हैं, उसमें वे सभी वर्ग विशेषतौर पर पिछड़े वर्ग को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं बनाने से लेकर उनका पालन कराने में भी जुटे हैं।

इसी वजह से भाजपा ने पसमांदा समाज के मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी भाजपा का कदम है, क्योंकि जिस मुस्लिम समाज में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अधिक तरजीह दी जाती रही है, वहां भाजपा ने चार में से तीन महिला प्रत्याशियों का चयन किया  है। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा बढ़ने के साथ- साथ मुस्लिम समुदाय में भी बदलाव आ रहा है। गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मुसलमानों को ही मिल रहा है। यही कारण है कि अब एक तबके का झुकाव भाजपा की ओर हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सभी समुदायों को करीब लाना आवश्यक है और से इसी की कोशिश में जुटे हैं।

भाजपा करती है ध्रुवीकरण की राजनीतिः AIMIM 

एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हाफिज का कहना है कि कांग्रेस ने इस दिल्ली को दो दिल्ली बनाया और आम आदमी पार्टी की सेक्युलरिज्म क्या है और किसके प्रति है, यह उनकी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का नोटों पर गणेश लक्ष्मी के चित्र छापने की बात कहने से ही स्पष्ट हो जाता है।

उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा स्वयं धर्म पर आधारित राजनीति करती रही है और ध्रुवीकरण पर केंद्रीत ही उसकी नीति रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जहां मुस्लिम और दलित रहते हैं, उन इलाकों को भाजपा, कांग्रेस और आप ने पूरी तरह नजरअंदाज किया है। उनकी पार्टी के सत्रह में से दो प्रत्याशियों का पर्चा रद्द हो गया है, लेकिन पंद्रह प्रत्याशियों की जीत का उन्होंने दावा किया। 

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