Wednesday, Jan 19, 2022
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meenakshi lekhi comment on triple talaq bill in loksabha

Triple talaq: लेखी बोलीं- नेहरू जैसी मोदी की मुश्किलें, 'धार्मिक देश में सेक्यूलर शासन बड़ी समस्या'

  • Updated on 7/25/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। लोकसभा (Loksabha) में तीन तलाक बिल (Triple talaq) पर चर्चा के दौरान नई दिल्ली से बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी (Meenakashi Lekhi) ने कहा कि पीएम मोदी (PM Modi) के सामने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की तरह ही मुश्किले हैं। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने नेहरू की जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया।  

लेखी ने कहा कि एक फ्रेंच पत्रकार आंद्रे मालरॉक्स ने कभी जवाहर लाल नेहरू से पूछा था कि आपको आजाद भारत में कौन सी सबसे बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा? तो नेहरू ने जवाब दिया कि सबसे बड़ी मुश्किल कानून के हिसाब से राज्य की स्थापना करना थी। साथ ही पंडित नेहरू ने ये भी कहा कि धार्मिक देश में धर्मनिरपेक्ष शासन बनाना भी एक बहुत बड़ी मुश्किल थी। 

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'कुप्रथाओं को कानून बनाकर किया जाता है खत्म'

लेखी ने इस वाकये की तुलना प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान स्थिति से करते हुए कहा कि तीन तलाक पर कानून बनाना मोदी के लिए भी उसी प्रकार की एक मुश्किल है। समाज की कुप्रथाओं को कानून बनाकर ही इस देश को सही रास्ते पर लाया गया है। भारत के पितृसत्तात्मक समाज क्या चाहता होगा कि महिलाओं को बराबर का दर्जा मिले, मुझे तो नहीं लगता। जब इस पर कानून बनाय गया तभी तो स्थिति बदली। 

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'कानून बनाने से ही देश में बदलाव आते हैं'

लेखी ने कहा कि इस प्रकार कानून बनाने से ही देश में बदलाव आते हैं। उन्होंने कहा कि मैं गिनवाना चाहती हूं 1984-85 में शाह बानो के केस में सुप्रीम कोर्ट ने आपको (विपक्ष) यही मौका दिया जो सायरा बानो के केस में बीजेपी को दिया। कोर्ट ने कहा था कि कानून बनाकर इन विवादस्पद मामलों को समाप्त किया जाए। लेकिन आप 1986 में क्या लेकर आए? प्रोटेक्शन ऑफ मुस्लिम विमेन ऑन डिवोर्स एक्ट।  

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'ये डिवोर्स की बात करते हैं हम निकाह की बात करते हैं'

लेखी ने कहा कि ये डिवोर्स की बात करते हैं हम निकाह की बात करते हैं। ये घर तोड़ने की बात करते हैं हम जोड़ने की बात करते हैं। उत्तर प्रदेश में अगर अखिलेश यादव ने शरिया कोर्ट बंद कर दिए होते तो वहां की औरतों के साथ अन्याय नहीं होता। इस पर अखिलेश ने आपत्ति भी जताई। लेखी ने अपनी बात रखते हुए एक शेर कहा 'निकाह निकाह न रहा मजाक बन गया, तलाक तलाक तलाक और तलाक हो गया।' 


 

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