दिल्ली के निर्माण और विकास पर हुई बैठक, मास्टर प्लान में रखा जाएगा सुंदरता का ध्यान

  • Updated on 12/7/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केवल लैंडस्केपिंग ही नहीं, बल्कि शहर की सुंदरता को बढ़ाए ऐसी लोक कला को अमल में लाना चाहिए। क्योंकि लोक कला से न केवल नगर सुंदर होते हैं, वरन उसकी आत्मा का चित्रण भी होता है।

मंत्री ने डीयूएसी के तत्वावधान में हुई दिल्ली के निर्माण विकास से जुड़ी बैठक में यह बात कही। बैठक में मुख्य रूप से दिल्ली के लिए लोक कला नीति, मार्गनिर्देश व मास्टर प्लान से जुड़े मसौदे पर भी चर्चा हुई। इस दौरान बैठक में उपस्थित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने भी मसौदे पर अपने विचार रखे।

सिसोदिया ने दिया शेल्टर होम की सोशल ऑडिट का निर्देश, इन मुद्दों पर होगा काम

मंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि सार्वजनिक स्थान हमारे लिए सृजनात्मक कला को दर्शाने का अवसर होता है, इसके जरिए शहर को सुंदर बनाने के साथ-साथ नगर की आत्मा का चित्रण भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता है कि इस तरह का माहौल बने, जिसमें लोग खुद से सार्वजनिक कला का सम्मान करें।

उन्होंने आईटीओ के नवनिर्मित स्काईवाक तथा सिग्नेचर ब्रिज पर हुई तोडफ़ोड़ व नट-बोल्ट निकाले जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक कला के विकास के लिए आचरण में बदलाव आवश्यक है। लोगों के पास सड़क पार करते हुए गाड़ी के नीचे आ जाने या फिर स्काईवाक का उपयोग करने का विकल्प है। आचरण में बदलाव या स्काईवाक के उपयोग की इच्छा मेरी उम्मीदों से थोड़ी धीमी है।      

दिव्यांग पेंशन को विधि विभाग की हरी झंड़ी, 10 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

केवल लैंडस्केपिंग ही नहीं, शहर की सुंदरता के लिए भी हो लोक कला : हरदीप पुरी
उन्होंने कहा कि शहर की लोक कला केवल वर्तमान ही नहीं पीढिय़ों तक लोगों को नगर के इतिहास से रू-ब-रू कराती है। किसी भी महानगर के विकास की कहानी को भी बयां करने का यह अनूठा तरीका होता है। पुरी ने कहा कि किसी नगर के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलावों का भी चित्रण इस लोक कला के जरिए पता चलता है।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि लोक कला समावेशी है और विभिन्न विषयों और पृष्ठभूमियों, समुदायों और संवेदनाओं को एक साथ लेकर नगरीय रहन-सहन को दर्शाती है। इस दौरान डीयूएसी के अध्यक्ष पीएसएन राव ने कहा कि ऐसे स्थानों को चिन्हित करना, व्यापक मास्टर प्लान तैयार करना आदि शहर के निर्माण विकास से जुड़े कार्य को अंजाम देने के लिए मार्गनिर्देश तैयार करना जरूरी है।

केजरीवाल की हुंकार का असर, NPS में अब सरकार देगी 14 प्रतिशत योगदान

इसी वजह से इस संबंध में जनवरी में भी विभिन्न एजेंसियों के साथ मसौदे को लेकर चर्चा हो चुकी है। बैठक में आर्किटेक्ट, विभिन्न सिविक एजेंसियों के अधिकारी एवं लोक कला से जुड़े कलाकार भी उपस्थित रहे। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.