Tuesday, Jan 18, 2022
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Metro Neo and Light will go to the deprived areas

मेट्रो से वंचित इलाकों में जाएगी मेट्रो नियो और लाइट

  • Updated on 12/3/2021

नई दिल्ली/ निशांत राघव। अब तक मेट्रो रेल सेवा से वंचित इलाकों में जल्द ही सार्वजनिक परिवहन के तौर पर मेट्रोलाइट और मेट्रोनियो परियोजनाएं आवाजाही की दिक्कतों को दूर करेगी। इस संबंध में विभिन्न राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेशों मिले प्रस्तावों के आधार पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय की योजना है कि मेट्रो रेल से कम लागत वाली इन परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सके। दिल्ली में इसको मेट्रो रेल निर्माण के चौथे चरण में ही पूरा करने के लिए योजना पर विचार के बाद आगे की कार्रवाई भी शुरु कर दी गई है। ताकि जिन स्थानों पर मेट्रो पहुंचना संभव नहीं है, ऐसे संकरे रास्ते में भी यह परिवहन सेवा लोगों के लिए मुफीद साबित हो। 

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय भी परियोजना को तेजी से पूरा कराने को इच्छुक 

दरअसल मेट्रो नियो व मेट्रो लाइट परिवहन सेवा सड़क के स्लैब पर ओवरहैड ट्रैक्शन सिस्टम अथवा बेहद कम लागत में तैयार हो जाती है। केंद्रीय राज्य आवास मंत्री कौशल किशोर ने बताया कि इन परियोजनाओं के जरिये छोटे शहरों या अथवा कम लागत में शहरी क्षेत्रों में कम सवारियों की आवाजाही की समस्याओं को दूर करने में सहायक है।

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उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में दिल्ली में रिठाला-नरेला मेट्रो रेल के चौथे चरण में निर्माण किया जाएगा। जिसकी सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र में मेट्रो नियो परियोजना नासिक में चलाई जाएगी। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मेट्रो लाइट परियोजना चलेगी। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में मेट्रो लाइट चलाने की योजना है। 
 

डीडीए ने भी पत्र के जरिये डीएमआरसी से की थी मांग 

दरअसल डीडीए ने भी पिछले दिनों पत्र लिखकर डीएमआरसी से मांग की थी कि जिन इलाकों में मेट्रो रेल सेवा नहीं पहुंची है, वहां मेट्रो लाइट के जरिये लोगों को बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए वह मेट्रो रेल के अलाइनमेंट में परिवर्तन पर गौर करे। इसके बाद रिठाला-नरेला, कीर्ति नगर, बामनोली में मेट्रो लाइट रेल चलाने पर सैद्धांतिक मुहर भी लग चुकी है। अब ऐसे में केंद्रीय मंत्रालय के रुझान से भी स्पष्ट है कि परियोजना पर जल्द ही कार्य धरातल पर दिखेगा। 
 

लैंड पूलिंग पॉलिसी के अंतर्गत इलाकों में होगा लाभ
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि चूंकि डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी में करीब 17 लाख आवास अधिकतर उन इलाकों में होंगे जो मुख्य दिल्ली से एकदम अलग हैं। इन बाहरी इलाकों में से कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां परिवहन की समस्या अभी भी है। ऐसे में मेट्रो लाइट परियोजना से इन इलाकों में भी सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढ़ावा दिया जा सकेगा। साथ ही लैंड पूलिंग पॉलिसी में बनने वाले आवास लेने के इच्छुक लोगों को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी। 
 

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