millions of devotees awaken after ayodhya dispute reaches supreme court

अयोध्या विवाद के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से करोड़ों भक्तों में जगी आस

  • Updated on 8/13/2019

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर।  अयोध्या में विवादित भूमि के समाधान की राह देख रहे करोड़ों हिंदू भक्तों को तब उम्मीद अचानक जग गई जब सारे मैटर को लेकर रोज सुनवाई करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने लिया है। इसके लिये पिछले मंगलवार 6 अगस्त से रोज सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ बनाया है। जो अयोध्या विवाद को गंभीरता से देख रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ अयोध्या विवाद को तब अपने हाथों में लिया जब 3 सदस्यीय मीडिएटर टीम किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। 

अयोध्या विवाद : SC में सुनवाई का पांचवां दिन, हिंदू पक्ष की ओर से रखी गई ये दलीलें

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का धेर्य से करें प्रतीक्षा

अयोध्या विवाद को लेकर भले ही दोनों पक्षों में उत्साह और उम्मीद दोनों उफान पर पहुंच गई हो लेकिन अभी-भी कुछ कहना जल्दबाजी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट में CJI की अगुवाई में जो 5 सदस्यीय टीम खुली सुनवाई कर रही है अभी उस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा। लेकिन इतना तो तय है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी पक्षों को धेर्य से प्रतीक्षा करनी चाहिए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर शामिल हैं।

Navodayatimes

प्रियंका गांधी के सोनभद्र दौरे को UP डिप्टी CM ने बताया 'पॉलिटिकल स्टंट'

90 के दशक से आई अयोध्या विवाद में तेजी 
हालांकि राम जन्म भूमि विवाद तो लंबे समय से चल रही है लेकिन इसमें तेजी 90 के दशक में तब आई जब बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने देश भर में राम रथ यात्रा निकाला। जिसको लेकर हिंदुओं को इस मुद्दे पर बीजेपी को एकजुट करने में बड़ी कामयाबी मिली। फिर 92 में बाबरी मस्जिद को ढ़हाने से उसके बाद  देश भर में दंगा हुआ। जिसको लेकर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा से बीजेपी को घेरने का प्रयास किया है। यह बात भी सच है कि अयोध्या विवाद से देश भर में लहर पैदा करने में बीजेपी को अपार सफलता मिली। 

केरल बाढ़: राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में राहत शिविर का किया दौरा

अयोध्या विवाद को भुना कर पहुंची बीजेपी सत्ता के शिखर पर
जिसका परिणाम यह रहा कि कभी 2 सांसदों वाली पार्टी 2019 के आते- आते 303 सांसद को लोकसभा में पहुंचाने में कामयाब हो गई। भले ही बीजेपी अयोध्या विवाद पर सवार होकर सत्ता के शिखर तक पहुंच गई हो लेकिन यह मसला आज तक सुलझ नहीं पाया है। जिसको लेकर पार्टी के समर्थक भी समय-समय पर बीजेपी से मांग करती रही है कि संसद से पास करके रामलला का भव्य मंदिर बनाने का रास्ता साफ किया जाना चाहिए। लेकिन पीएम मोदी और बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है तो जल्दबाजी दिखाना सही नहीं होगा। अभी सभी को प्रतीक्षा करनी चाहिए। फिलहाल गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में हैं जिस पर दोनों पक्ष टकटकी निगाह से देख रही है।         

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.