Saturday, May 26, 2018

भारत में सौर, पवन ऊर्जा क्षेत्र में लाखों नई नौकरियां होंगी सृजित

  • Updated on 5/16/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सौर व पवन ऊर्जा क्षेत्रों में 3 लाख से अधिक श्रमिकों की जरूरत होगी। भारत ने 2022 तक नवीकरणीय स्रोतों से 175 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आई.एल.ओ.) ने वैश्विक रोजगार बाजार की स्थिति पर अपनी वाॢषक रिपोर्ट में कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में कदम बढ़ाने से लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजैंसी ने कहा कि 2030 तक दुनिया भर में 2.4 करोड़ नए पद सृजित होंगे लेकिन पर्यावरण अनुकूल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सही नीतियों के साथ-साथ श्रमिकों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा की जरूरत होगी। 

 एजैंसी ने वैश्विक रोजगार व सामाजिक परिदृश्य 2018 रिपोर्ट में कहा कि भारत ने 2022 तक 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है जो उसके कुल उत्पादन का करीब आधा है। रिपोर्ट में ऊर्जा,पर्यावरण एवं जल परिषद(सी.ई.ई.डब्ल्यू) और नैशनल रिसोर्सिज डिफैंस काऊंसिल (एन.आर.डी.सी.) के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सौर व पवन ऊर्जा कंपनियों, डिवैल्परों और विनिर्माताओं के सर्वेक्षण के आधार पर भारत में सौर एवं पवन ऊर्जा क्षेत्र में लाखों लोगों की नियुक्ति होगी। 

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