Saturday, Jul 24, 2021
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पेंशन नियमों में बदलाव का मोदी सरकार ने किया बचाव

  • Updated on 7/22/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पेंशन नियमों में हाल में किये गये बदलाव किसी सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी द्वारा प्रतिबंधित सामग्री को प्रकाशित करवाने के मामले से ‘‘देश को होने वाले नुकसान’’ से बचाने के लिए किए गए हैं। कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘इस संशोधन से पहले यह निर्णय करना संबंधित अधिकारी पर निर्भर होता था कि प्रकाशित सामग्री प्रतिबंधित श्रेणी में आती है या नहीं।’’ 

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सिंह ने कहा कि यदि अधिकारी को लगता था कि वह जो सामग्री प्रकाशित करने जा रहा है वह प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आती है तो वह सरकार की पूर्व अनुमति के बिना उसे छाप सकता था। उन्होंने कहा, ‘‘ बाद में सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंचती थी कि प्रकाशित सामग्री प्रतिबंधित सामग्री की श्रेणी में आती है तो तब तक देश को पहले ही नुकसान हो चुका होता था। इस स्थिति को टालने के लिए मौजूदा संशोधन किया गया है।’’ 

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इस साल मई में अधिसूचित किए गए संशोधित पेंशन नियमों के अनुसार चुनिंदा खुफिया या सुरक्षा संबंधित संगठनों से सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यदि वह कोई प्रकाशन करवाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें संगठन के प्रमुख से पूर्वानुमति लेनी पड़ेगी।

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सरकार से यह प्रश्न किया गया था कि इस प्रकार के निर्णय के पीछ विस्तृत तर्क क्या है। इसके जवाब में सिंह ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम 2021 के नियम 8 में संशोधन करते समय विभिन्न पक्षों से विचार विमर्श किया गया था।

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