Friday, Jun 25, 2021
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modi bjp govt busy in brainstorming about four point agenda of farmers leaders rkdsnt

किसानों नेताओं के चार सूत्री एजेंडे को लेकर मंथन में जुटी मोदी सरकार

  • Updated on 12/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसानों नेताओं के चार सूत्री एजेंडे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार मंथन में जुट गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के पास चार सूत्री एजेंडा भेजा है। इसमें कृषि कानूनों को रद्द करने से लेकर एमएसपी को लेकर विषय निर्धारित किए गए हैं। बता दें कि कल सरकार और किसान नेताओं के बीच अगले दौर की बातचीत होने जा रही है। 

मोदी सरकार से बातचीत के मद्देनजर किसानों का ट्रैक्टर मार्च स्थगित

ग्रुप ऑफ मिनिस्टरों की अहम बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हो रही है। इसमें कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हैं। इस बैठक में सरकार की आगे की रणनीति पर विचार हो रहा है। 

उधर, केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने मोदी सरकार के साथ होने वाली बातचीत के मद्देनजर अपना प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दिया है। 

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किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत के लिए सहमति जताई, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीके पर चर्चा करने को बातचीत के एजेंडे में शामिल किया जाना चाहिए। 

इससे पहले, 40 किसान संगठनों के समूह ’संयुक्त किसान मोर्चा’ ने घोषणा की थी कि 30 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर से कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) राजमार्ग तक ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया, ‘‘सरकार के साथ बातचीत को देखते हुए हमने ट्रैक्टर मार्च टालने का फैसला किया है। अब किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ ये मार्च 31 दिसंबर को निकालेंगे।’’ 

इस साल सितंबर में अमल में आए तीनों कानूनों को केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश किया है। उसका कहना है कि इन कानूनों के आने से बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकेंगे। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारी किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से एमएसपी का सुरक्षा कवच खत्म होने का रास्ता खुलेगा और मंडियां भी खत्म हो जाएंगी तथा खेती बड़े कारपोरेट समूहों के हाथ में चली जाएगी। 

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