Friday, Feb 03, 2023
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modi bjp govt taking legal opinion regarding bpcl privatization and supply of lpg rkdsnt

BPCL निजीकरण और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर मोदी सरकार ले रही कानूनी राय

  • Updated on 7/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में उत्पादित रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई केवल सरकार के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों तक सीमित करने वाले दो दशक पुराने रसोई गैस आपूर्ति आदेश ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को निजीकरण के बाद सब्सिडी वाली एलपीजी की बिक्री जारी रखने की छूट देने की योजना के आगे एक अड़ंगा लगा दिया है।

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मामले की जानकारी रखने वाले दो सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अब यह पता लगाने के लिए कानूनी राय मांगी गई है कि क्या निजीकरण के बाद बीपीसीएल को ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित रसोई गैस का आवंटन सही होगा। वर्तमान में, बीपीसीएल के पास 8.4 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी ग्राहक हैं। इनमें 2.1 करोड़ उज्ज्वला ग्राहक हैं।इसके लिए कंपनी की अपनी तेल-शोधन इकायों का एलपीजी उत्पादन पर्याप्त नहीं होता है। 

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बीपीसीएल अन्य तेल विपणन कंपनियों की तरह, तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) और गेल (इंडिया) लिमिटेड जैसी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसी निजी कंपनियों से रसोई गैस खरीदती है। रसोई गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) आदेश, 2020, जिसे रसोई गैस नियंत्रण आदेश, 2000 के रूप में जाना जाता है, केवल सरकार के स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), हिंदूस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और बीपीसीएल को स्वदेशी रूप से उत्पादित रसोई गैस की बिक्री का प्रावधान करता है। 

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यह आदेश ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित एलपीजी को को निजी कंपनियों को आपूर्ति किए जाने से रोकता है। निजी क्षेत्र के एलपीजी विक्रेताओं को, जिन्हें समानांतर एलपीजी विपणक कहा जाता है, को आयातित गैस का उपयोग करना पड़ता है। देश में रसोई गैस की कमी को देखते हुए नियंत्रण आदेश, 2000 जारी किया गया था।     अधिकारियों ने बताया कि बीपीसीएल का निजीकरण हो जाने के बाद, यह आदेश ओएनजीसी और गेल के बीपीसीएल को रसोई गैस बेचने पर रोक लगा देगा। इसलिए सरकार इस मुद्दे पर कानूनी राय मांग रही है।     

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