Thursday, Apr 15, 2021
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सरकार का सब्र अब दे रहा जवाब, Twitter के अधिकारियों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

  • Updated on 2/11/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों का आंदोलन 79वें दिन भी जारी है। ऐसे में किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर कई तरह की बातें की जा रही है। इस मामले में अब भारत सरकार ने कड़ा रूख अपनाया है। सरकार ने किसान आंदोलन के बारे में दुष्प्रचार और भड़काऊ बातें फैला रहे एकाउंट और हैशटैग के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने में ट्विटर (Twitter) के देरी करने पर 'कड़ी नाराजगी' प्रकट की।

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सरकार का कड़ा रूख
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कंपनी के अपने भले ही कोई नियम हों, लेकिन उसे देश के कानूनों का पालन करना ही चाहिए। ट्विटर ने 500 से अधिक एकाउंट निलंबित किये हैं। हालांकि उसने अभिव्यक्ति की आजादी को अक्षुण्ण रखने की जरूरत का हवाला देते हुए 'खबरिया निकायों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के एकाउंट पर रोक लगाने से इनकार किया है।'

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कानूनों का पालन करें ट्विटर
आईटी सचिव और ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच डिजिटल संवाद के दौरान सरकार ने इस मंच से कहा कि भारत में काम कर रहे कारोबारी निकाय के रूप में उसे कानूनों एवं लोकतांत्रिक संस्थानों का सम्मान करना ही चाहिए और देश में सद्भाव बिगाड़ने और अशांति फैलाने से जुड़े अभियानों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सचिव ने किसान आंदोलन के संदर्भ में भड़काऊ बातों पर कार्रवाई करने से जुड़े सरकारी आदेशों का पालन नहीं करने पर ट्विटर की आलोचना की।

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500 से ज्यादा अकाउंट पर लगी रोक
वहीं ट्विटर ने बुधवार को कहा कि किसानों के प्रदर्शन को लेकर भ्रामक और भड़काऊ विषयवस्तु का प्रसार रोकने के सरकार के निर्देश के तहत उसने 500 से ज्यादा अकाउंट पर रोक लगा दी है और कुछ को ब्लॉक कर दिया है। ट्विटर ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि भारत सरकार द्वारा देश में कुछ अकाउंट को बंद करने के निर्देश के तहत उसने कुछ अकाउंट पर रोक लगाई है।

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ट्विटर के कदम को बताया 'असामान्य' कदम
नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा। हालांकि, सरकार ने मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के साथ वार्ता के पहले ब्लॉगपोस्ट प्रकाशित करने के ट्विटर के कदम को 'असामान्य' कदम बताया। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश में विकसित सोशल नेटवर्किंग साइट 'कू' पर अपने जवाब में कहा, 'सरकार के साथ बैठक के लिए ट्विटर के अनुरोध पर सूचना और प्रोद्यौगिकी, सचिव ट्विटर के वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ बातचीत करने वाले थे। इस आलोक में वार्ता के पहले ब्लॉगपोस्ट प्रकाशित करना असामान्य कदम है।'

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ट्विटर को टक्कर देने के लिए हुई 'कू' की शुरुआत
'कू' पर पोस्ट में कहा गया है कि सरकार जल्द ही अपना जवाब साझा करेगी। ट्विटर को टक्कर देने के लिए 'कू' की शुरुआत की गई है। ट्विटर ने बुधवार को ब्लॉगपोस्ट में कहा कि वह अपने उपयोगकर्ताओं की अभिव्यक्ति की आजादी अधिकार का समर्थन करना जारी रखेगी और इसके लिए वह 'भारतीय कानून के तहत ट्विटर एवं प्रभावित खातों, दोनों के लिए विकल्प तलाश करने की सक्रियता से कोशिश कर रही है।'

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सरकार ने ट्विटर को सौंपी थी कुल 1,178 अकांउट्स की लिस्‍ट
सरकार ने चार फरवरी को ट्विटर से ऐसे 1178 अकाउंट पर रोक लगाने को कहा जिनका जुड़ाव पाकिस्तानी और खालिस्तानी समर्थकों के साथ पाया गया है और जिनसे किसानों के प्रदर्शन के संबंध में भ्रामक और भडकाऊ सामग्री साझा की गयी। कुल मिलाकर ट्विटर ने 1,000 से ज्यादा अकाउंट पर कार्रवाई की है। इनमें से 500 पर सरकार ने रोक लगाने की मांग की थी। कंपनी ने बाकी 500 पर भ्रामक विषयवस्तु प्रसारित करने वाला अकाउंट मानकर कार्रवाई की है।

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ट्विटर ने रोक लगाकर फिर किया बहाल
सरकार ने पिछले महीने किसानों के आंदोलन के संबंध में ट्वीट को लेकर 257 अकाउंट पर रोक लगाने के लिए कहा था। इस पर कदम उठाते हुए ट्विटर ने कुछ घंटे के लिए रोक लगाकर फिर से इसे बहाल कर दिया था। इसके बाद सरकार ने आदेश का पालन नहीं होने का नोटिस जारी किया और कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है। इस बारे में रुख स्पष्ट करने की मांग पर ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि नुकसानदेह सामग्री वाले हैशटैग की दृश्यता घटाने के लिए उसने कदम उठाए हैं जिनमें ऐसे हैशटैग को ट्रेंड करने से रोकना एवं 'सर्च' के दौरान इन्हें देखने की अनुशंसा नहीं करना शामिल है। 

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क्या है सरकार के आदेश?
ट्विटर ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इन उपायों को लागू करने की जानकारी दे दी है। ट्विटर ने रेखांकित किया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सभी आदेशों के तहत 500 से अधिक अकाउंट पर कार्रवाई की है। इनमें ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने पर अकाउंट को स्थायी रूप से बंद करने का कदम भी शामिल है। ट्विटर ने कहा, 'आज हमने अकाउंट को बंद करने के आदेश में चिह्नित अकाउंट के एक हिस्से पर हमारी विषयवस्तु नीति के तहत केवल भारत में ही रोक लगाई है। ये अकाउंट भारत से बाहर उपलब्ध रहेंगे।'

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