Saturday, May 15, 2021
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modi govt to private banks now will be able to participate in government work pragnt

केंद्र ने दिया Private Banks को बड़ा तोहफा, कहा- अब सरकारी कामकाज में भी ले सकेंगे हिस्सा

  • Updated on 2/25/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र सरकार (Central Government) ने प्राइवेट बैंकों (Private Banks) पर सरकारी काम-काज करने पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। इससे सरकार की सामाजिक कल्याण की योजनाओं का दायरा बढ़ेगा और ग्राहकों की सुविधा भी बढ़ेगी। प्राइवेट बैंकों पर सरकारी कामकाज करने का प्रतिबंध हट जाने से सरकार से जुड़े बैंकिंग लेन-देन जैसे टैक्स इकट्ठा करने, राजस्व से जुड़े लेन-देन, पैंशन भुगतान और किसान बचत पत्र जैसी लघु बचत योजनाओं में भी प्राइवेट बैंकों के जरिए निवेश किया जा सकेगा।

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मंत्रालय ने दी ये अनुमति
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को निजी क्षेत्र के सभी बैंकों को कर संग्रह, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं जैसे सरकार से जुड़े कामकाज में शामिल होने की अनुमति दे दी। फिलहाल निजी क्षेत्र के कुछ बड़े बैंकों को ही सरकार से जुड़े कामकाज करने की अनुमति है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस कदम से ग्राहकों के लिये सुविधा बढ़ेगी, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं के मानकों में दक्षता बढ़ेगी।

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प्राइवेट बैंक पर है ये खास मौका
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा, 'प्राइवेट बैंक अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सरकारी बैंकों के बराबर के सांझेदार बन सकते हैं।' वहीं आरबीआई आने वाले समय में किसी अन्य सरकारी कामकाज के परिचालन की इजाजत भी प्राइवेट बैंकों को दे सकेगा। सीतारमण ने ट्विटर पर लिखा है, 'निजी बैंकों को सरकार से जुड़े कामकाज और योजनाओं को क्रियान्वित करने पर लगी रोक हटा ली गयी है। अब सभी बैंक इसमें शामिल हो सकते हैं। निजी बैंक अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास, सरकार के सामाजिक क्षेत्र में उठाये गये कदमों और ग्राहकों की सुविधा बेहतर बनाने में समान रूप से भागीदार हो सकते हैं।'

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अब निजी बैंक की भी होगी भागीदारी
बयान के अनुसार अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने और उसके उपयोग तथा नवप्रवर्तन के मामले में अगुवा रहने वाले निजी क्षेत्र के बैंक अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और सरकार के सामाजिक क्षेत्र में उठाये गये कदमों को लागू करने में समान रूप से भागीदार होंगे। इसमें कहा गया है, 'पाबंदी हटाये जाने के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों को सरकारी कामकाज सौंपने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है। सरकार ने इस निर्णय के बारे में आरबीआई को सूचना दे दी है।'

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बैंक के लिए पहले ही घोषणा कर चुकी है सरकार
सरकार पहले ही 2021-22 के बजट में आईडीबीआई के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा कर चुकी है। सरकार ने पिछले सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का एकीकरण किया। इससे सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 पर आ गयी जो मार्च 2017 में 27 थी।

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