Wednesday, Oct 16, 2019
modi-jingping will meet today in mahavalipuram, talks will be held on important issues

PM मोदी और शी जिनपिंग ने शोर मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का लिया आनंद

  • Updated on 10/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) दो दिन के भारत दौरे पर चेन्नई (Chennai) पहुंच गए हैं। इसी के साथ पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra modi) भी उनकी मेजबान के लिए पहले ही तमिलनाडु के महाबलीपुरम पहुंच गए थे। जहां पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अर्जुन की तपस्या स्थल का भ्रमण कराया। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी को कृष्ण का माखन लड्डू के दर्शन कराए। इसकी ऊंचाई 6 मीटर चौड़ाई 5 मीटर और कुल वजन 250 टन है। 


Live update:

*  पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को पिलाया नारियल पानी

* मोदी ने शी जिनपिंग को दिखाया कृष्ण का माखन लड्डू

* मोदी ने शी जिनपिंग को अर्जुन का तपस्या स्थल घुमाया  
 


जहां दोनों नेता एक-दूसरे से बात-चीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भव्य स्वागत किया गया। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के विशेष दर्जे को समाप्त करने के भारत के फैसले पर द्विपक्षीय संबंधों में उतार-चढ़ाव की हालिया स्थिति के तत्काल बाद यह यात्रा हो रही है। 

 



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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी (Edappadi K. Palaniswami), राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित तथा तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी धनपाल ने चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए करीब 24 घंटे की भारत यात्रा पर आये हैं। मेहमान राष्ट्रपति की अगवानी के लिए एक छोटा सांस्कृतिक समारोह भी आयोजित किया गया। 

तमिलनाडु से करीब 50 किलोमीटर दूर पुरातनकालीन तटीय शहर मामल्लापुरम में यह शिखर वार्ता होगी जो चीन के फुजियान प्रांत के साथ मजबूत व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के कारण अहम है। चीनी नेता के स्वागत के लिए हवाईअड्डे पर बड़ी संख्या में कलाकार रंग-बिरंगे झंडे लेकर कतारों में खड़े थे। वे ढोल बजा रहे थे और परंपरागत संगीत की थाप पर थिरक रहे थे। 

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चिनफिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जियेची आए हैं। दोनों ही भारत में अपने समकक्षों विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अलग- अलग बातचीत कर सकते हैं।      दोनों पक्षों के अधिकारियों ने कहा कि मोदी- शी शिखर वार्ता में मुख्य रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच द्विपक्षीय कारोबार तथा विकास सहयोग को कश्मीर मुद्दे पर मतभेदों तथा सीमा संबंधी जटिल विषय से अलग ले जाने पर ध्यान होगा।

संबंधों में असहज स्थिति के बावजूद चिनफिंग के भव्य स्वागत के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की एजेंसियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस तटीय शहर को रंग- बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। चिनफिंग जिन ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे, उन्हें भी विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। दोनों नेता मामल्लापुरम में बंगाल की खाड़ी को निहारते सातवीं सदी के शोर मंदिर परिसर में अनौपचारिक परिवेश में वार्ता करेंगे।

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कश्मीर के मुद्दे पर चीन पाकिस्तान के साथ
शी जिनपिंग के भारत आने से पहले ही जम्मू- कश्मीर मसले पर चीन की तरफ से प्रतिक्रिया भी आई है।  चीन ने कहा है कि कश्मीर के मुद्दे पर वे पाकिस्तान के साथ खड़ा है। इमरान खान अभी चीन में है और उन्होंने चीन में कश्मीर मुद्दे को लेकर बात भी की है। 

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जम्मू-कश्मीर पर भारत का पक्ष अटल
इस मसले पर बुधवार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जवाब दिया। रवीश ने कहा कि हमने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बैठक के संबंध में रिपोर्ट देखी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का पक्ष अटल बना हुआ है और स्पष्ट है कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है। चीन हमारे पक्ष से अच्छी तरह वाकिफ है। भारत के आंतरिक मामलों पर किसी अन्य देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं।

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