Wednesday, Oct 27, 2021
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Money game took place under the guise of cricket stadium?

क्रिकेट स्टेडियम की आड़ में हुआ मनी गेम? गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पर लगे आरोपों के बांउ

  • Updated on 9/23/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजीटल। शहर के खिलाडिय़ों को निखारने और उन्हें सही क्रिकेट ट्रेनिंग देने के लिए एक योजना के साथ पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर गाजियाबाद पहुंचे। जहां उन्होंने प्रेसवार्ता को संबोधित तक भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया लेकिन क्रिकेट के भले से शुरू होकर यह प्रेसवार्ता शहर में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आड़ में करोडों को घपले के आरोपों पर खत्म हुई। जिसमें गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा पर कई गंभीर इल्जाम लगाए गए।  

स्टेडियम की आड़ में अपना गेम खेल रहे हैं राकेश मिश्रा 
जीजेडबी क्रिकेट एसोसिएशन के डायरेक्टर प्रवीण त्यागी का आरोप है कि शहर में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम की आड़ में गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा अलग ही गेम खेल रहे हैं। स्टेडियम से जुड़ी सभी जिम्मेदारी यूपीसीए ने राकेश मिश्रा को सौंप रखी हैं। 2014 से स्टेडियम प्रस्तावित है। 7 साल बाद भी स्टेडियम का कुछ अता-पता नहीं है। इसकी वजह राकेश मिश्रा हैं। 

आरोप है कि राकेश मिश्रा ने स्टेडियम के लिए जिस जमीन का चयन किया, वह डूब क्षेत्र में है। इसके अलावा जमीन ग्रीन बेल्ट व एंटरटेंनमेंट जोन का हिस्सा है। जिसे दशमलव 5 एफएआर से ज्यादा नहीं मिल सकती। स्टेडियम की जमीन की खरीद में भी घोटाला हुआ। राकेश मिश्रा ने अपने जानकारों को जमीन सस्ते दामों पर किसानों से दिलवाईं। एक महीने बाद ही वह जमीन यूपीसीए ने मंहगे दामों पर उनसे खरीद ली। जिससे यूपीसीए को करीब 20 से 25 करोड़ का नुकसान हुआ। 

इसके अलावा स्टेडियम के निर्माण के लिए हिंडन एयरपोर्ट अथॉरिटी एनओसी देने को तैयार नही है। उसका तर्क है कि हिंडन एयरबैस पर विमान उतरते हैं, जो स्टेडियम की फ्लड लाइट्स से भ्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा स्टेडिम के लिए जमीन खरीदे जाने के बाद उस जमीन के उपर से हाईटेंशन लाइन गुजार दी गई। जिसे अब हटवाने के लिए यूपीसीए को 16 करोड़ का चूना लगा। 

राकेश मिश्रा की वजह से शहर में आगे नहीं बढ पा रहे क्रिकेटर
स्टेडियम के अलावा प्रवीण त्यागी ने राकेश मिश्रा पर यह भी आरोप लगाया कि उनकी वजह से शहर में क्रिकेटर पनप नहीं पा रहे। प्रवीण त्यागी ने कहा कि राकेश मिश्रा बीते 1 दशक से जीसीए की कुर्सी पर कब्जा जमाए बैठे हैं। कमेटी का चुनाव नहीं होता। स्टेट टीम के सलेक्शन के लिए राकेश मिश्रा अपने खुद की एकेडमियों का इस्तेमाल करते हैं। जबकि यूपीसीए के सदस्य को एकेडमी चलाने की मनाही है। इन एकेडमियों का खर्चा यूपीसीए से वसूला जाता है। खिलाडिय़ों पर दवाब बनाया जाता है कि वह उनकी एकेडमी में दाखिला लें। इसके अलावा क्रिकेट से जुड़े आयोजनों के ऐसे खर्चे जोकि हुए ही नहीं होते वह भी यूपीसीए से वसूले जाते हैं। राकेश मिश्रा पर कुल मिलाकर अपने पद के गलत इस्तेमाल का आरोप है। 

यूपीसीए भी नहीं कर रहा सुनवाई
जीजेडबी क्रिकेट एसोसिएशन के डायरेक्टर प्रवीण त्यागी का कहना है कि यूपीसीए भी इस मामले में कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है। उन्होंने 14 सिंतबर को इस मामले में यूपीसीए अध्यक्ष व लोकपाल को प्रमाण समेत पत्र लिखा था। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

राकेश मिश्रा ने कहा जल्द करूंगा दूध का दूध पानी का पानी
इन आरोपों के बाद राकेश मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए तमाम इल्जामों को साफ नकार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने के लिए और एसोसिएशन में घुसपैठ करने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। अपना पक्ष वह शुक्रवार को मीडिया के सामने रखेंगे। जिसमें दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। 
 

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