Monday, Aug 15, 2022
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Monsoon special: इस मौसम में रखें हाइजीन का ध्यान

  • Updated on 7/3/2022

नई दिल्ली/पुष्पेंद्र मिश्र। दिल्ली में मानसून ने दस्तक दे दी है। ऐसे में अगर आप स्वच्छता से चूके तो बीमार होना तय होता है क्योंकि वातावरण में ह्यूमिडिटी बढ़ जाने से जर्म्स और बैक्टीरिया अपना विस्तार करने लगते हैं। इन्हें प्रजनन का सही तापमान मिल जाता है। जहां कहीं भी इन्हें गंदगी या नमी मिलती है वे वहां फैलने लगते हैं। चाहे वो घर का बासी खाना हो, गीले कपड़े हों या कहीं भरा हुआ पानी। वहीं आपको मानसून में बाहरी खानों (खासतौर से खुले हुए) से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये गरिष्ठ होते हैं पचने में समस्या हो सकती है। किसी भी चीज को बगैर हाथ धोए न खाएं क्योंकि हाथों पर कई बार कीटाणु मौजूद होते हैं जिन्हें आप देख नहीं पाते।        

मानसून में होती हैं ये बीमारियां     
मानसूनी सीजन में डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया जैसे रोग होते हैं। ये तीनों मच्छर जनित बीमारियां होती हैं और मच्छर भरे हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए अपने घर और उसके आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा न हो इस बात का ध्यान रखें। कू लर आदि में पानी चेंज करते रहे। अगर कहीं दो दिन तक पानी समा रह गया तो वहां डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छर पनप सकते हैं। अगर आप बारिश के पानी से गीले हो गए हैं तो हो सकता है कि आपको फंगस, खुजली, रेशेज आदि स्किन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़े। इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप बारिश के पानी से बचें।

गीले अंतर्वस्त्र कर देंगे आपको बीमार              
मानसून के मौसम में आपको सूती के कपड़े से बने अंडरवियर पहनने चाहिए क्योंकि सूती कपड़ा हवादार होता है और पसीने को भी सोख लेता है। वहीं अंडर गारमेंट गीले होंगे तो फंगल इंफेक्शन, खुजली, लाल रैशेस होने का खतरा रहता है। बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलते वक्त एंटीबैक्टीरियल क्रीम का इस्तेमाल जरूर करें। इससे मौजूद बैक्टीरिया मर जाएंगे। इससे आप स्किन एलर्जी और इंफेक्शन से बच सकते हैं। इससे दाद, खाज और खुजली की समस्या भी नहीं होगी। इसलिए बारिश में लापरवाही न करें।

मानसून से बचाव के लिए इस तरह के कपड़े पहनें
बारिश का मौसम किसे नहीं पसंद होता। सभी लोग बारिश में खूब मस्ती करते हैं। चाहे बच्चों हो या बड़े, सभी लोग बारिश में छपछपाक करना पसंद करते हैं। बारिश के मुताबिक कपड़े पहने जाएं तो मजा दोगुना हो जाता है। बारिश के मौसम में चटक रंग खूब पसंद किए जाते हैं। आप रेड, पिंक, लेमन यलो, लाइट ग्रीन, मजेंटा समेत अन्य ब्राइट कलर चुन सकते हैं। बारिश के मौसम में फ्लोरल प्रिंट भी काफी पसंद किया जाता है। बारिश में सिंथेटिक कपड़े नहीं पहनने चाहिए ये पसीना नहीं सोखते हैं। वहीं डेनिम, जींस और दूसरे भारी कपड़े भी न पहने इन्हें सूखने में बहुत देर लगती है। 

कॉटन : बारिश में कॉटन कपड़े पहन सकते हैं। इन दिनों मौसम में नमी बहुत होती है और सूती कपड़े नमी को सोखने का काम करते हैं। 
नायलॉन : बारिश के मौसम में नायलॉन फैब्रिक काफी आरामदायक साबित हो सकता है। यह कपड़ा पानी को टिकने नहीं देता लेकिन गर्मी बहुत पैदा करता है। बारिश में यह बहुत जल्दी सूख जाता है। 
शिफॉन : शिफॉन-जार्जेट-ये कपड़े भीगने के बाद गर्मी या हवा में आसानी से सूख जाते हैं। 

त्वचा संबंधी बीमारियों से करें बचाव     
मानसून में जो सबसे कॉमन होता है वह है किसी कीड़े द्वारा काटना, इसके अलावा फंगल इंफेक्शन, बाल झडऩे वाली स्टेज में होने से हेयर फाल, मुहासे, एलर्जी आदि बढ़ जाती हैं। साथ ही मच्छर जनित बीमारियां होती हैं। इन सबसे बचने के लिए बच्चों को सुबह शाम पूरी स्लीव के कपड़े पहनाएं। मीठे का चयन कम करें। कॉटन के ढीले कपड़े पहनें। पसीना आने वाली जगह पर पाउडर लगाएं। बालों को लगातार धोएं, गीले कपड़े न पहनें। 
डॉ. पूजा चोपड़ा, कंसल्टेंट त्वचा रोग, आकाश हेल्थ केयर             

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