moodys slashed india growth forecast for 2019 big blow to bjp modi govt amid slowdown economy

मूडीज ने 2019 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाया

  • Updated on 8/23/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मूडीज इन्वेस्टर्स र्सिवस ने कैलेंडर वर्ष 2019 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसे 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। मूडीज ने कहा है कि कई कारणों मसलन नियुक्तियों में कमी, ग्रामीण परिवारों के समक्ष परेशानियों तथा कड़ी वित्तीय स्थिति की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त बनी हुई है। 

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कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भी वृद्धि दर के अनुमान को 0.6 प्रतिशत घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसके 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था। मूडीज ने 16 एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित करते हुए कहा कि कमजोर व्यापार और निवेश से जीडीपी की वृद्धि दर प्रभावित होगी। हालांकि, क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक उपभोग स्थिर है। 

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मूडीज ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी दबाव कम है लेकिन कई कारणों मसलन नियुक्तियों में कमी, ग्रामीण परिवारों के समक्ष परेशानियों तथा कड़ी वित्तीय स्थिति की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त बनी हुई है। मूडीज का मानना है कि घरेलू कारक भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक प्रभावित करते हैं। कारोबारी धारणा में कमी और कंपनियों को ऋण का प्रवाह धीमा होने से देश में निवेश कमजोर हुआ है। 

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मूडीज के अनुसार 2017 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही थी। 2018 में यह 7.4 प्रतिशत थी। बीते वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च की चौथी तिमाही में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत के पांच साल के निचले स्तर पर आ गई थी। सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़े 30 अगस्त को जारी करेगी।

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इससे पहले इसी महीने भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 7 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए मांग और निवेश में सुस्ती का हवाला दिया है। मूडीज ने कहा कि इस साल मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। अगले साल यह 4.5 प्रतिशत के स्तर पर होगी। 2018 में यह 2.9 प्रतिशत थी। 

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मूडीज ने कहा कि 16 एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में विशेषरूप से हांगकांग और सिंगापुर की वृद्धि दर काफी सुस्त पड़ी है। 2018 की पहली छमाही की तुलना में इनकी वास्तविक जीडीपी वृद्धि में काफी गिरावट देखने को मिली है। मूडीज ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बाहरी कारणों से प्रभावित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में 2019 के पहले छह माह में अधिक सुस्ती देखने को मिली है। वहीं जापान, भारत और फिलिपीन की अर्थव्यवस्थाएं घरेलू कारकों से प्रभावित हुई हैं। 

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