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देशभर में रमजान की धूम, पहला रोजा आज...

  • Updated on 5/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रमजान का पाक महीना सोमवार शाम को चांद दिखने के बाद मंगलवार से शुरू हो गया है। रमजान 5 जून तक चलेंगे। एक महीने में रोजेदार सूरज निकलने के बाद और चांद निकलने से पहले कुछ खा नहीं सकते हैं और न ही किसी भी तरह का तरल पदार्थ पी सकते हैं। फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम ने बताया कि रमजान का महीना 7 मई से शुरू हो गया है। ऐसे में ईद-उल-फितर 5 जून को मनाया जाएगा। उन्होंने रमजान के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि रमजान के महीने में ही कुरआन अवतरित हुई थी। यही कारण है कि रमजान के महीने में रोजे रखना अनिवार्य माना गया है। मौलाना मुकर्रम की माने तो उनके मजहब के अनुसार 15 साल की आयु होने के बाद बच्चे रोजा रख सकते हैं। खजूर, फल और जूस ज्यादा सेवन करना चाहिए।

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रोजा के नियम

सहरी: रमजान के पवित्र महीने में सहरी का विशेष महत्व है। कुअरान के मुताबिक, इसके लिए सुबह सूरज निकलने से से डेढ़ घंटे पहले जागना चाहिए और कुछ खाने के बाद ही रोजा शुरू करना चाहिए। क्योंकि इसके बाद पूरे दिन कुछ भी खाया-पीया नहीं जाता है।

इफ्तार: शाम को सूरज डूबने के बाद कुछ समय का अंतराल रखते हुए रोजा खोला जाता है। इसके लिए समय निश्चित होता है।

तरावीह: रमजान के दिनों में रात के समय तरावीह की नमाज अदा की जाती है। यह समय लागभग रात्रि के 09 बजे का होता है। इसके साथ ही मस्जिदों में कुरान पढ़ी जाती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा पूरे माह होता है। इसके बाद चांद के अनुसार 29 या 30 दिन के बाद ईद का जश्न मनाया जाता है।

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