Sunday, Feb 28, 2021
-->
most of the farmers & experts are in favour of farm laws narendra singh tomar kmbsnt

अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में, नहीं करेंगे रद्द- नरेंद्र सिंह तोमर

  • Updated on 1/17/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए कृषि कानूनों (New Farm laws) को लेकर एक ओर किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं तो दूसरी ओर सरकार कानून  रद्द करने को तैयारी नहीं है। किसान आंदोलन का आज 53 वां दिन है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा है कि हमने किसान यूनियनों को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें हम मंडियों, व्यापारियों के पंजीकरण और अन्य के बारे में उनकी आशंकाओं को दूर करने पर सहमत हुए थे।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने स्टबल बर्निंग एंड इलेक्ट्रिसिटी पर कानूनों पर चर्चा के लिए भी सहमति दी लेकिन यूनियन केवल कानूनों को निरस्त करना चाहती हैं। अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कानूनों को लागू नहीं किया जा सकता है। अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान 19 जनवरी को कानून के खंड-वार पर चर्चा करेंगे और सरकार को बताएंगे कि वे कानूनों के निरसन के अलावा क्या चाहते हैं।

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली, केंद्रीय मंत्री ने कहा- पूरे विश्व में जाएगा गलत संदेश

आंदोलन को लंबा खींचना सरकार की साजिश
वहीं दूसरी ओर अपनी कानून रद्द करने की मांग पर अड़े किसानों का कहना है कि सरकार इस मामले को लंबा खींचकर आंदोलन को दबाना चाहती है। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने  कहा है कि लगभग दो महीनों से हम ठंड के मौसम में पीड़ित हैं और मर रहे हैं। सरकार हमें 'तारिख पे तारिख’ दे रही है और चीजों को खींच रही है ताकि हम थक जाएं और जगह छोड़ दें। यह उनकी साजिश है। 

19 जनवरी को 10वें दौर की वार्ता
बता दें किसानों और सरकार के बीच 15 जनवरी को हुई 9वें दौर  की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अब सरकार ने किसानों को 10वें दौर की बातचीत के लिए 19 जनवरी का समय दिया है। आज किसान आंदोलन का 53वां दिन है। दिल्ली में पड़ रही कड़ाके की ठंड में किसान सड़कों पर बैठें है और कानून रद्द करने की अपनी जिद्द पर अड़े हुए हैं। 

कृषि कानूनों के विवाद को सुलझाने के लिए बनी SC की कमेटी से अलग हुए BKU नेता भूपिंदर सिंह मान

किसानों ने SC से किया नई समिति बनाने का अनुरोध
वहीं एक किसान संगठन ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए बनाई गई समिति से शेष तीन सदस्यों को हटाया जाए। साथ ही ऐसे लोगों को उस में रखा जाए जो परस्पर सौहार्द के आधार पर काम कर सकें।

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

comments

.
.
.
.
.