Wednesday, Jul 06, 2022
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घर-घर विराजेंगी मां, सजे मंदिर और गुलजार हुए बाजार

  • Updated on 4/1/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। चैत्र नवरात्रि की शुरूआत शनिवार से हो रही है। घर-घर मां के विराजमान होने की जहां श्रद्धालु धूमधाम से तैयारियां कर सजावट करने में लगे हैं। शनिवार को क्लश स्थापना के साथ नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक की जाएगी। वहीं राजधानी के मंदिरों को भी रंगीन बल्बों व पुष्पों सहित ऑर्टिफिशियल फूलों से सजाया गया है। इस दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से विभिन्न प्रकार के इंतजाम किए गए हैं ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो। यही नहीं कोरोना को ध्यान में रखते हुए लोगों को कोविड नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि क्या-क्या सुविधाएं मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों को दी जा रही हैं।
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झंडेवालान मंदिर श्रद्धालु ले जा सकेंगे मां की पवित्र ज्योत
प्राचीन ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र महोत्सव शनिवार से प्रारंभ होकर 10 अप्रैल तक मनाया जाएगा। नवरात्रि से पूर्व प्रत्येक वासंतिक एवं शारदीय नवरात्रों में देश के विभिन्न भागों से श्रद्धालु मां की पवित्र ज्योत ले जा सकेंगे। इसके लिए हर प्रकार की सुविधा का प्रबंध मंदिर समिति की ओर से किया गया है। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया है और रोशनी की पूरी व्यवस्था की गई है। हालांकि श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रसाद व अन्य वस्तु ले जाना पूरी तरह वर्जित किया गया है। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश के दौरान कोविड नियमों के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। मंदिर प्रशासन द्वारा वाहन खड़ा करने के लिए रानी झांसी मार्ग, फ्लैटिड फैक्ट्री परिसर में मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मंदिर के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर नि:शुल्क चरण पादुका स्टैंड बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल रख सकेंगे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 150 सीसीटीवी कैमरे मंदिर परिसर के अंदर व बाहर लगाए गए हैं, जिनकी देखरेख पुलिस के सहयोग से एक कंट्रोल रूम से की जाएगी। 
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छतरपुर मंदिर में भक्त चढ़ा सकेंगे प्रसाद
छतरपुर मंदिर प्रशासन के अनुसार सिर्फ नारियल को छोड़कर बाकी अन्य प्रकार का प्रसाद भक्त चढ़ा सकेंगे। छतरपुर मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किशोर चावला ने बताया कि मंदिर प्रशासन की ओर से एक सप्ताह पहले देशभर के सभी बड़े देवी मंदिरों को निमंत्रण पत्र, श्रृंगार का सामान व भोग भेजा जा चुका है। मां का सहस्त्र कुंभ अभिषेक कर भट्टी पूजन लंगर बनाने के लिए हो चुका है। पूरे मंदिर परिसर को प्रकाशोत्सव मनाया जाएगा और वॉटरप्रूफ टेंट लगाया गया है। छतरपुर मंदिर के सभी मंदिरों में देवी-देवताओं को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के अतिरिक्त 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 45 सौ स्वयंसेवक 8-8 घंटे की सेवा देंगे। मंदिर के स्थाई 62 सिक्योरिटी गार्ड्स के अलावा अतिरिक्त सिक्योरिटी गार्ड्स व पुलिस तैनात रहेगी। दो साल बाद छतरपुर मंदिर में स्टेज प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए दिल्ली-मुंबई से कलाकार बुलाए गए हैं। जबकि लाइव आरती का बंदोबस्त भी किया गया है ताकि लोग घर बैठकर मां के दर्शन कर सकें। 
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पहले दिन होगी मां शैलपुत्री की पूजा
मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा के साथ शनिवार से नवरात्रि महापर्व की शुरूआत की जाएगी। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने की वजह से इनका नाम शैलपुत्री रखा गया। इनका वाहन वृषभ है, इसीलिए इन्हें वृषारूढ़ा देवी के नाम से भी जाना जाता है। मां के दाएं हाथ में त्रिशुल व बाएं हाथ में कमल सुशोभित है। इन्हें पार्वती, हेमवती के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इन्हीं हेमवती देवी ने देवताओं का गर्व भंजन किया था।

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