Wednesday, May 18, 2022
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प्रेम विवाह करने वाले BJP नेता ही कर रहे वेलेंटाइन-डे का विरोध, शशि थरूर को बताया 'लव गुरु'

  • Updated on 2/14/2019

नई दिल्ली/आकर्ष शुक्ला। वेलेंटाइन-डे (Valentine Day) का मौका है और हवा में प्यार की खुशबू चारों तरफ फैली हुई है, लेकिन इस मौके पर भी राजनीति के गलियारों में वाद-विवाद का दौर जारी है। हालांकि यह विवाद भी वेलेंटाइन-डे की आड़ में ही हो रहा है।

दरअसल, कांग्रेस नेता शशि थरूर हमेशा की तरह एक बार फिर अपने ट्वीट के चलते भाजपा के निशाने पर आ गये हैं। वेलेंटाइन-डे के मौके पर थरुर ने ट्वीट करते हुए आरएसएस पर निशाना साधा। सबसे पहले आपको बताते हैं कि शशि थरूर ने अपने ट्वीट में ऐसा क्या कह दिया जिसकी वजह से इतना बवाल मचा हुआ है।

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शशि ने ट्वीट में लिखा कि, हैप्पी वेलेंटाइन-डे, अगर आप संघ परिवार का कोई ट्रोल आपको अपनी दोस्त के साथ बाहर होने पर धमकी देता है तो आप उन्हें बताएं कि आप कामदेव की प्रचीन भारतीय परंपरा को सेलिब्रेट कर रहे हैं। अब शशि के इस ट्वीट से न जाने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को कौन सी मिर्ची लग गई जो उन्होंने शशि थरुर पर पलटवार करते हुए उन्हें लवगुरु तक कह दिया।

इससे पहले की हम आपको मुख्तार अब्बास नकवी के ट्वीट के बारे में बताएं उससे पहले आपको मालूम होना चाहिए कि खुद मुख्तार अब्बास नकवी ने भी प्रेम विवाह किया है। उनकी पत्नी का नाम सीमा है और कॉलेज के दिनों से ही उनदोनों की लव स्टोरी शुरू हुई थी।

हां तो अब सुन लीजिए की नकवी ने शशि पर क्या कमेंट किया। शशि पर पलटवार करते हुए नकवी ने भी एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि, शशि थरूर भाई तो लवगुरु हैं, अब कोई वेलेंटाइन-डे का विरोध करेगा तो लव गुरु उसका विरोध करेंगे ही।

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यहां से शुरु हुआ ट्विटर वार
इस बहस की मुख्य शुरुआत राजस्थान से हुई जहां बुधवार को राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूर्व की वसुंधरा राजे की सरकार के दौरान लिए गए फैसले को वापस ले लिया था। जिसमें वसुंधरा सरकार ने यह ऐलान किया था कि 14 फरवरी (वेलेंटाइन-डे) को राज्य के स्कूलों में 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' के रुप में मनाया जाएगा।

अब इस फैसले को कांग्रेस की सरकार ने पलट दिया है जिसका भाजपाई नेताओं को काफी बुरा लगा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने फैसले को पलटते हुए कहा था कि अभिवावकों के आदल सत्कार के लिए किसी एक दिन को विशेषता नहीं दी जा सकती, यह उचित नहीं है।

उन्होंने इसके पीछे तर्क देते हुए आगे कहा, माता-पिता तो हर दिन आदर सत्कार के हकदार हैं वह अपने बच्चों के लिए जो करते हैं उनके लिए जितना भी करें वह कम ही होगा। साथ ही उन्होंने कहा, हमारी सरकार दिखावे में विश्वास नहीं करती है इसलिए पिछली सरकार के ऐसे फैसले सही नहीं हैं।

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