Friday, Dec 09, 2022
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मुनव्वर राणा का CDS रावत पर तंज- कोरोना वायरस पुलवामा नहीं है, ये तो दवाओं से ही ख़त्म होगा

  • Updated on 5/3/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर राणा कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच अपने जज्बातों को सोशल मीडिया पर बेबाक तरीके से शेयर करते रहे हैं। फिर चाहे रमज़ान के मुबारक महीने में टीवी डिबेट में जाने वाले मौलवियों को नसीहत देने का मसले हो या सियासत में नफरत के बीज बौने वालों पर शायराना अंदाज में तंज कसना हो। अब मुनव्वर राणा ने कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में सेना के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है और सीधे सीडीएस बिपिन रावत से सवाल किया है। 

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मशहूर शायर ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'कोरोना वॉरियर्स का सम्मान तो हम सभी कर रहे हैं। लेकिन रावत साहब! कोरोना वायरस पुलवामा नहीं है, ये तो दवाओं से ही ख़त्म होगा। इतनी फ़ौज की ताक़त और करोड़ों रुपये बर्बाद करने से क्या फ़ायदा? कोरोना के ख़िलाफ़ फौजी अस्पतालों के डॉक्टर्स को पूरी सुविधाओं के साथ मैदान में उतारिये।'

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दरअसल, आज भारत की तीनों सेनाओं ने कोरोना वॉरियर्स का सम्मान में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए। थल, वायु और नौसेना ने पूरे जोश के साथ सलामी दी। लेकिन, विपक्ष ने सवाल भी उठाए कि सेना को ये काम कोरोना खत्म करने के बाद करना चाहिए था। जितना सेना ने सम्मान करने में पैसा लगाया है, उतना कोरोना पीड़ितों की मदद में लगाया होता तो आम लोगों को बड़ी राहत मिलती। हैरानी की बात है कि सेना के सैंकड़ों जवान बिना पीपीई किट्स के मैदान में काम कर रहे हैं।

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मुनव्वर राणा अपने इसके साथ ही शायराना अंदाज में भी तंज कसते हुए शेर लिखा है, 'निकले थे घर पहुंचने को लेकिन ना घर गए,उन पर भी फूल फेंको जो रस्ते में मर गए।' बता दें कि बहुत से लोगों लॉकडाउन में फंस गए और जब उन्हें घर पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वे पैदल ही हजारों मील चल दिए। ऐसे में कई लोगों के मरने की भी खबरें आईं। 

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राणा यहीं नहीं रुकते हैं और हिंदू-मुसलमान करने वालों को भी आड़े हाथ लेते हैं। वह लिखते हैं, ' क्या 130 करोड़ लोगों में से 10 भी ऐसे हैं जो अपना मोबाइल बेच कर भूख से मरते हुए कुछ लोगों को बचा लें ? अगर इतना भी जज़्बा नहीं है, तो काहे के हिन्दू काहे के मुसलमान!'

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