Sunday, Nov 27, 2022
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Murli Manohar Joshi said- The Kashmir Files is not propaganda, the truth

मुरली मनोहर जोशी ने कहा- The Kashmir Files कोई प्रोपेगेंडा नहीं, सच्चाई

  • Updated on 4/7/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ‘द कश्मीर फाइल्स’ में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की सच्चाई के बारे में बताया गया है। वहीं इसको लेकर राजनीति हो रही है। विपक्ष इसे भाजपा का फायदा उठाने वाला फंडा बता रही है जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि कुछ लोग सच्चाई को पचा नहीं पा रहे हैं। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने विपक्ष को फटकार लगाई है। जोशी ने कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ कोई प्रोपेगेंडा नहीं है बल्कि सच्चाई है।

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि कई राजनीतिक दल जो अभी विपक्ष में हैं, उन्होंने 1990 में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। जोशी ने कहा कि न ही किसी ने तब घाटी से कश्मीरी पंडितों को मजबूरी से पलायन होने की निंदा की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ”मैं कश्मीर हिंसा का चश्मदीद गवाह हूं, मैं एक प्रत्यक्षदर्शी था जब कश्मीरी पंडितों के साथ क्रूरता हुई, उन पर अत्याचार हुआ था। मैं मध्य प्रदेश के नेताओं केदारनाथ साहनी और आरिफ बेग के साथ कश्मीर गया था, हमने कश्मीर की तत्कालीन स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार की थी और इसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भेजा था।

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि उनकी टीम ने कश्मीर में हिंसा के शिकार होने वाले कई पंडितों और उनके परिवारों से मुलाकात की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि लोग अभी भी ऐतिहासिक घटनाओं से अनभिज्ञ रहना पसंद करते हैं जिसके कारण अतीत का निष्पक्ष ज्ञान होता है, फिर उन्होंने सवाल किया कि सोहराबजी के समय में हुए जनसंहार को जनता को क्यों नहीं दिखाया जाता।

जोशी ने कहा कि लोगों को इस तरह की ऐतिहासिक घटनाओं से सबक लेकर उनको भविष्य में नहीं दोहराने का प्रण लेना चाहिए। बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित ‘द कश्मीर फाइल्स’ लोगों को अंदर तक झकझोर रही है।

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