Sunday, Dec 04, 2022
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रोहिंग्या मुस्लिम के समर्थन में उतरे मुस्लिम और सिख संगठन, केंद्र सरकार को सौंपा ज्ञापन

  • Updated on 9/16/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल।  रोहिंग्या मुसलमानों पर जुल्म व सितम के खिलाफ मुसलमानों और सिखों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर केंद्र सरकार को मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिया संयुक्त राष्ट्र से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई। बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों पर बढ़ते जुल्म के खिलाफ तंजीम उलामा ए इस्लाम और ऑल इंडिया मिली कांउसिल ने जंतर मंतर पर रोषपूर्ण प्रदर्शन अधिकारों की मांग की। 

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इस मौके पर तंजीम उलामा ए इस्लाम के संस्थापक अध्यक्ष मुफ्ती अशफाक हुसैन कादरी ने कहा कि बर्मा में रोंहिग्या मुसलमानों के नरसंहार को किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को चाहिए की वह बर्मा की सरकार को बाध्य करे कि वह रोहिंग्या के नरसंहार को रोके, देश के बाहर शरणार्थियों को वापस बर्मा बुलाए और दोषियों को सजा दें।

जंतर मंतर पर शुक्रवार की नमाज के बाद रोहिंग्या के मुद्दे पर तंजीम उलामा ए इस्लाम के समर्थकों ने म्यांमार सरकार केविरोध में नारेबाजी की । मौलाना सैयद जावेद नक्शबंदी ने कहा कि रोहिंग्या को लेकर मीडिया बहुत बड़ी गलतफहमी फैला रहा है। मुफ्ती तस्लीम रजा ने कहा कि बर्मा के रहने वाले रोहिंग्या सिर्फ मुसलमान नहीं बल्कि उस क्षेत्र में रहने वाले लोग हैं जिसमें बहुत बड़ी तादाद में हिन्दू रोहिंग्या की भी है।

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मौलाना कामिल रजा ने कहा कि  इस मामले में संयुक्त राष्ट्र को सीधे सैनिक कार्रवाई करके बर्मा को इस बात के लिए बाध्य करना चाहिए कि वह रखिन और अराकान में रोहिंग्या पर म्यांमार सेना के हमले को रुकवाए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् से अपील की कि उसका गठन दुनिया में जहां भी जुल्म हो रहा हो, उसे रोकना है। 
सिखों की तरफ  से बलजीत सिंह ने सभा को संबोधित किया।

कई दलित नेताओं ने भी रोहिंग्या के विरुद्ध नरसंहार का विरोध किया। जंतर मंतर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया, आशिके रसूल फ्रं ट, दरबारे अहले सुन्नत, रजा अकेडमी, आला हजरत यूथ ब्रिगेड, जमीअतुल मंसूर, दारुल उलूम गौसुस सकलैन, मदरसा नूरुल कुरआन, दारुल उलूम रजविया, रजा एक्शन कमेटी, मुहम्मद यूथ ब्रिगेड और मस्जिदे फारूकेे आजम समेत कई संगठनों ने भाग लिया।

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