Sunday, Sep 26, 2021
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muslims will become kingmakers in west bengal relief to left from isf announcement pragnt

प. बंगाल में मुस्लिम बनेंगे किंगमेकर! ISF के ऐलान से वाम को राहत, TMC को आफत

  • Updated on 2/26/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इस साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई हैं। वहीं बंगाल में बीजेपी (BJP) की जबरदस्त एंट्री के बाद से ही मुस्लिम वोटों की अहमियत बढ़ गई है। जहां एक ओर देखें तो बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का सारा ठीकरा मुस्लिम वोटों पर ही टीका है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस-वाम गठबंधन और एआईएमआईएम भी मुस्लिम वोटों को अपनी और लेने में जुट गई है।

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AIMIM को लगा बड़ा झटका
इस सियासी संग्राम के बीच नए राजनीतिक संगठन 'इंडियन सेकुलर फ्रंट' ने भी ताल ठोंकी है। आईएसएफ ने वाम-कांग्रेस गठबंधन में आने का ऐलान किया है जिसके बाद एआईएमआईएम को चुनाव में बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी फ्रंट के साथ मिलकर बंगाल की राजनीति में एंट्री करना चाहते थे। इसके लिए वह लगातार फ्रंट के प्रमुख फुरफुरा शरीफ के मौलाना अब्बास सिद्दीकी से बातचीत कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस-वाम गठबंधन ने पहले ही बाजी मार ली। बता दें कि अब्बास सिद्दीकी 28 फरवरी को कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान पर होने वाली रैली में लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन में शामिल होंगे।

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औवेसी ने TMC सरकार पर साधा निशाना
बता दें कि एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की राजधानी में रैली आयोजित करने के लिए कोलकाता पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर गुरुवार को रोष जताया। औवेसी ने संसद में तृणमूल कांग्रेस सांसदों द्वारा लोकतंत्र के बारे में बोले जाने का भी मजाक उड़ाया। हैदराबाद के सांसद औवेसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

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AIMIM को नहीं मिली कोलकाता में रैली की इजाजत
औवेसी ने दावा किया कि गुरुवार को प्रस्तावित रैली को बिना किसी कारण बताए अनुमति देने से इंकार कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया, 'आपने (टीएमसी सरकार) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को रैली की अनुमति दी। आपने भाजपा, कांग्रेस, वामपंथी दलों को रैलियां करने की इजाजत दी लेकिन एआईएमआईएम को नहीं। क्यों?' औवेसी ने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद संसद में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में यह जमीनी स्तर पर नजर नहीं आता।

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औवेसी ने चुनाव को लेकर लगाया ये आरोप
उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों की आचार संहिता लागू होने के बाद एआईएमआईएम ऐसे पुलिस अधिकारियों को उसी पद पर बने रहने के खिलाफ चुनाव आयोग जाने को मजबूर होगी। औवेसी ने आरोप लगाया, 'अगर ऐसे अधिकारी वहां हैं तो चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नहीं होंगे।' विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम कोलकाता के मुस्लिम बहुल मेतियाब्रुज इलाके से रैली के साथ ही चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रही थी।

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