Sunday, Apr 18, 2021
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BioNTech का दावा- कोरोना वायरस म्यूटेशन को खत्म करने वाली वैक्सीन 6 हफ्ते में बना सकते हैं....

  • Updated on 12/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ब्रिटेन से सामने आया कोरोना वायरस का नए रूप (New Strain of Coronavirus) के बारे में समाने आई जानकारी के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। भारत सहित दुनिये के छह देशों ने ब्रिटेन के लिए सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया है साथ ही लॉकडाउन और कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। 

इन हालातों में भारत में भी अलर्ट जारी है और आईसीएमआर सहित विषेशज्ञों ने इस नए कोरोना के रूप से लड़ने के लिए तैयारी करना शुरू कर दी है। इस बीच, कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बायोटेक (BioNTech) ने दावा किया है कि वह कोरोना वायरस म्युटेशन (Corona Virus Mutation) यानी उसके नए रूप को मात देने या उसे कंट्रोल करने वाली वैक्सीन 6 हफ्ते में बना सकते हैं।  

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बायोटेक बना सकती है...
इस बारे में बायोटेक कंपनी के सह-संस्थापक उगर साहिन ने कहा, "वैज्ञानिक रूप से, इस बात की संभावना बहुत अधिक है कि इस वैक्सीन की प्रतिरक्षा क्षमता वायरस के वेरिएंट से भी निपट सकती है।" उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन में वायरस को जो नया रूप सामने आया है, उसमें 9 म्युटेशन है। आमतौर पर सिर्फ एक म्यूटेशन होता है। 

उन्होंने कहा, "कोरोना के इस टीके को जिस तरह से बनाया गया है कि इसमें हमारे पास इस बात की सुविधा है कि हम वायरस के नए प्रकार को काबू करने में सक्षम टीके पर सीधे काम करना शुरू कर सकते हैं।  यदि जरूरत पड़ती है तो तकनीकी तौर पर हम 6 सप्ताह के भीतर नया टीका लाने में सक्षम हो सकते हैं।"

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कैसे बन सकेगी वैक्सीन 
वहीँ, उन्होंने फाइजर के साथ मिलकर बनाई गई वैक्सीन को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि यह वैक्सीन कारगार है क्योंकि इसमें 1,000 से ज्यादा अमीनो एसिड मौजूद हैं और उनमें से केवल 9 में बदलाव हुआ है, इसका मतलब है कि 99%  प्रोटीन अब भी समान है।"

इस बारे में आईसीएमआर ने भी संभावनाएं जताई हैं कि उन्हें पास उपलब्ध कोरोना वैक्सीन कोरोना के नए रूप से लड़ने में सक्षम हो सकती है।  इस नए स्ट्रेन के बारे में देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स (AIIMS) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) का कहना है कि भारत में अब तक इस प्रकार का कोई केस नहीं आया है। हालांकि अब सतर्क रहने की जरूरत है और कोरोना संक्रमण की जांच के साथ अब इसके जेनेटिक सीक्वेंस की भी जांच करनी होगी।

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भारत में भी वैक्सीन हो सकती है वैक्सीन 
डॉक्टर गुलेरिया का कहना है कि ब्रिटेन से आने वाले लोगों की टेस्टिंग में खासतौर पर इस बात का ध्यान रखना होगा कि कही उनमें जो कोरोनावायरस है वो नए स्ट्रेन वाला न हो। अगर ऐसा वायरस उनमें मिलता है तो उनकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान देना होगा। साथ ही उनकी मॉनिटरिंग भी करनी होगी। इस समय दुनिया के कई देशों की तुलना में भारत अच्छी स्थिति में है, इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है।

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