Sunday, Dec 04, 2022
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मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया : जेएनयू कुलपति

  • Updated on 8/25/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने अकादमिक व्याख्यान के तहत की गई कोई देवता ऊंची जाति का नहीं है...टिप्पणी पर विवाद खड़ा होने के बाद सफाई दी कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। कुलपति ने यह भी कहा कि वह सबसे पहले शिक्षाविद हैं और लोगों को बी आर अंबेडकर से नाराज होना चाहिए क्योंकि वह उन्हीं के दृष्टिकोण की व्याख्या कर रही थीं।

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लोगों को मुझसे नाराज क्यों होना चाहिए ? उन्हें बी आर अंबेडकर से नाराज होना चाहिए। मुझे इसमें क्यों घसीटा जा रहा है। डॉ बी आर अंबेडकर व्याख्यान श्रृंखला में लैंगिक न्याय पर डॉ बी आर अंबेडकर के विचार : डिकोडिंग द यूनिफॉर्म सिविल कोड विषय पर पंडित ने सोमवार को कहा था कि मानव-विज्ञान की दृष्टि से देवता उच्च जाति से नहीं हैं और यहां तक कि भगवान शिव भी अनुसूचित जाति या जनजाति से हो सकते हैं।

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कुलपति ने सवाल किया मैं सबसे पहले शिक्षाविद, प्रोफेसर हूं। किसी अकादमिक व्याख्यान का राजनीतिकरण क्यों किया जा रहा है? मुझे दिल्ली में कोई व्याख्यान देने में डर लगता है। सब कुछ गलत उद्धृत किया गया है। मुझे बहुत दुख हो रहा है, लोग इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं। व्याख्यान में उन्होंने यह भी कहा था कि मनुस्मृति में महिलाओं को दिया गया शूद्रों का दर्जा इसे असाधारण रूप से प्रतिगामी बनाता है।
 

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