Thursday, Jun 30, 2022
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nalin chauhan not return after two months suddenly left home amid corona virus rkdsnt

दो महीने बीते पर नहीं लौटे नलिन चैहान, अचानक घर छोडकर निकले थे

  • Updated on 2/13/2021

नई दिल्ली,  (अनामिका सिंह): राजधानी दिल्ली को अपने कदमों से नापने वाले और इसके इतिहास की गहराईयों में जाकर अनेकों दस्तावेजों के माध्यम से कई ऐतिहासिक कहानियों को जीवित करने वाले नलिन चैहान का दो महीने से कुछ पता नहीं चल पा रहा है। नलिन चैहान दिल्ली सरकार के सूचना और प्रचार निदेशालय के उपनिदेशक होने के साथ ही उम्दा लेखक हैं, जिनके लेख तमाम अखबारों भी छापे जाते रहे हैं। दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर के तमाम राजनैतिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विषयों पर उन्होंने जमकर लिखा है।

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सूचना और प्रचार निदेशालय के उपनिदेशक व लेखक हैं नलिन
नलिन की पत्नी अल्पना चैहान ने बताया कि नलिन पहले से ही डायबिटिक हैं। 18 नवंबर 2020 को पूरे परिवार ने कोविड टेस्ट करवाया था। 20 को पूरे परिवार की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी, 23 को मेरी तबियत ज्यादा खराब हो गई। मेरी बिगडती हालत देखकर नलिन चिंता में बेहोश तक हो गए। जिसके चलते हमें एलएनजेपी अस्पताल जाना पडा। जहां मुझे व मेरे ससुर को वापस घर भेज दिया गया लेकिन नलिन की हालत को देखकर उन्हें भर्ती कर लिया गया।

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नलिन का उपचार के दौरान अस्पताल में आॅक्सीजन लेवल भी डाउन हो गया था और प्लाज्मा ट्रीटमेंट भी देना पडा था। 5 दिसंबर को रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद नलिन वापस घर आ गए लेकिन वो खुद को आइसोलेट कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सिविल लाइंस स्थित अपने निवास बी4 से एक घर छोडकर ठीक सामने वाले फ्लैट बी6 में रह रहे थे। जहां रोजाना परिवार के लोग उनके लिए खाना, नारियल पानी, दवा व जरूरत के अन्य सामान लेकर जाया करते थे।

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अचानक 10 दिसंबर को सुबह वो कहीं घर छोडकर चले गए और अपना मोबाइल भी छोड गए। अल्पना ने बताया कि उसी दिन दिल्ली पुलिस को उनके गायब होने की सूचना दे दी गई और पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी नलिन का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया है। उन्होंने भी किसी से कोई संपर्क करने की कोशिश अभी तक नहीं की है। इसे कोरोना का पोस्ट इफेक्ट कहा जाए या फिर क्या? लेकिन सच तो यह है कि एक उम्दा लेखक का पिछले दो महीने से कुछ पता नहीं है।

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खोए रहते थे किताबों की दुनिया में
अल्पना बताती हैं कि नलिन का ज्यादातर समय किताबों के बीच ही गुजरता था। वो अकसर ऐतिहासिक किताबों व दस्तावेजों को पढते और उन पर आर्टिकल लिखा करते थे। इतिहास में उनकी गहरी रूचि थी, उनका अपना ब्लाॅग भी है जिस पर लिखने-पढने में वो काफी व्यस्त रहते थे।

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