Friday, Dec 06, 2019
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आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका, Moody's ने रेटिंग घटाकर 'स्टेबल' से की 'नेगेटिव'

  • Updated on 11/8/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। जानी-मानी रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस (Moody's Investors Service) ने भारत (India) के बारे अपने आउटलुक यानी नजरिए को 'स्टेबल' (स्थि‍र) से घटाकर 'नेगेटिव' कर दिया है। मूडीज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में पहले के मुकाबले जोखिम बढ़ गया है, इसलिए उसने अपने आउटलुक में बदलाव किया है। वहीं भारत सरकार (Indian Government) इकॉनमी के फंडामेंटल्स मजबूत होने का दावा कर रही है।

मूडीज का मानना है कि आने वाले समय में भारत की आर्थिक वृद्धि (Economic growth) के बहुत कम रहने की आशंका है, जिसका सबसे बड़ा कारण अर्थव्यवस्था (Economy) का बेहद धीमी गति से बढ़ना और लगातार सरकार का बढ़ता कर्ज माना गया है।

मूडीज का भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान

अर्थव्यवस्था और सरकार का बढ़ता कर्ज बना कारण
मूडीज ने भारत के लिए बीएए 2 विदेशी-मुद्रा एवं स्थानीय मुद्रा रेटिंग की पुष्टि की है। रेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा, "परिदृश्य को नकारात्मक करने का मूडीज का फैसला आर्थिक वृद्धि के पहले के मुकाबले काफी कम रहने के बढ़ते जोखिम को दिखाता है। मूडीज के पूर्व अनुमान के मुकाबले वर्तमान की रेटिंग लंबे समय से चली आ रही आर्थिक एवं संस्थागत कमजोरी से निपटने में सरकार एवं नीति के प्रभाव को कम होते हुए दिखाती है। जिस कारण पहले ही उच्च स्तर पर पहुंचा कर्ज का बोझ धीरे-धीरे और बढ़ सकता है।”

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भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत
सरकार ने मूडीज इन्वेस्टर्स र्सिवस के भारत की रेटिंग का परिदृश्य स्थिर से घटाकर नकारात्मक करने पर शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया जताई। वित्त मंत्रालय ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत बने रहेंगे और सरकार की ओर से किए गए उपायों से निवेश में तेजी आएगी। मूडीज के रेटिंग परिदृश्य को 'स्थिर' से 'नकारात्मक' करने के बाद वित्त मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत की आपेक्षिक स्थिति स्थिर बनी हुई है।

वित्त मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के हालिया विश्व आर्थिक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है और यह 2020 में बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच सकती है। इसमें कहा गया है कि भारत की संभावित वृद्धि दर स्थिर बनी हुई है। आईएमएफ और अन्य बहुपक्षीय संगठनों का भारत को लेकर दृष्टिकोण लगातार सकारात्मक बना हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में कई उपाय किए हैं।

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सुधारों से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्रालय ने कहा, "वैश्विक सुस्ती से निपटने के लिए सरकार ने खुद आगे बढ़कर नीतिगत फैसले लिए हैं। इन उपायों से भारत को लेकर सकारात्मक रुख बढ़ेगा। साथ ही पूंजी प्रवाह को आर्किषत करने में मदद मिलेगी तथा निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।" बयान में कहा गया, "मुद्रास्‍फीति नियंत्रण में रहने और बॉन्‍ड प्रतिफल कम रहने से अर्थव्‍यवस्‍था के बुनियादी कारक मजबूत बने रहेंगे। भारत अल्प और मध्‍यम अवधि में वृद्धि की मजबूत संभावनाओं की पेशकश लगातार कर रहा है।"

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