Sunday, Apr 05, 2020
narendra modi lockdown announcement got sonia gandhi support

मोदी की लॉकडाउन घोषणा को मिला सोनिया का समर्थन, बोलीं- सरकार के हर कदम में साथ है कांग्रेस

  • Updated on 3/26/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की ओर से घोषित 21 दिन की तालाबंदी (लॉकडाउन) का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन से समाज के सबसे गरीब, पिछड़ा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने गरीबों, किसानों और छोटे कारोबारियों को राहत पहुंचाने के लिए कांग्रेस के प्रस्तावित न्यूनतम आय गारंटी (न्याय) योजना को लागू करने का सुझाव दिया।

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पत्र लिखकर की थी मांग
सोनिया ने यह पत्र सरकार के राहत पैकेज की घोषणा से पहले लिखा था। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस (कोविड-19) की महामारी से देश भर में चिंता, डर और अफरा-तफरी का माहौल है। 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन का समर्थन करते उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष के तौर पर वे विश्वास दिलाती हैं कि इस महामारी को रोकने के लिए उठाए गए हर कदम में सरकार को पूरा सहयोग देंगी। सोनिया ने सुझाव दिया कि डॉक्टर्स, नर्स एवं स्वास्थ्य कर्मियों को पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण जैसे एन-95 मास्क एवं हज़मत सूट दिया जाना पहली जरूरत है। उन्होंने छह महीने के लिए डॉक्टर्स, नर्स एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष रिस्क अलाउंस देने की जरूरत बताई।

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जनता से साझा किया जाए
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के इलाज वाले निर्धारित अस्पतालों एवं उनके पते, तथा बेड्स की संख्या, आईसोलेशन चैंबर्स, वेंटिलेटर्स, समर्पित मेडिकल टीम्स, मेडिकल सप्लाई आदि के बारे में इमरजेंसी फोन लाईन नंबर के साथ सभी आवश्यक जानकारी जनता से ज्यादा से ज्यादा साझी की जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारे समाज के सबसे कमजोर वर्गों में दैनिक मजदूर, मनरेगा मजदूर, फैक्ट्री मजदूर, कंस्ट्रक्शन एवं संगठित क्षेत्र के मजदूर, मछुआरे, खेत मजदूर आदि हैं।

हाल में आई कुछ खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई कंपनियां और व्यवसायी नियमित एवं अस्थायी कर्मचारियों की बड़ी संख्या में छंटनी कर रहे हैं। सरकार को इन लोगों के लिए विस्तृत सामाजिक सुरक्षाचक्र बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे वर्गों के बैंक खातों में सीधे नकद आर्थिक मदद दी जानी चाहिए, ताकि वो इस मुश्किल दौर का सामना कर सकें।

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किसान को हुआ अधिक नुकसान
उन्होंने कहा कि लॉक डाउन ऐसे समय में हुआ है, जब किसान की फसल कटाई के लिए तैयार है। मार्च के अंत में ज्यादातर राज्यों में फसल की कटाई जोरशोर से शुरू हो जाती है। देश की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। इसलिए केंद्र सरकार फसल की कटाई एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करे। साथ ही किसानों के लोन व बकाया राशि की वसूली को छह महीनों के लिए रोका और उदार हृदय से नए सिरे से किसानों की कर्जमुक्ति के बारे में निर्णय लिया जाए। 

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न्याय को बताया जरुरी
सोनिया ने कांग्रेस के प्रस्तावित न्यूनतम आय गारंटी योजना (न्याय) को लागू करने की जरूरत बताते हुए कहा कि जिन गरीबों पर इस महामारी की सबसे ज्यादा आर्थिक मार पड़ने वाली है, उन्हें न्याय योजना से सबसे अधिक राहत मिलेगी। या फिर हर ‘जनधन’ खाताधारक, ‘पीएम किसान योजना’ खाताधारक, सभी बुजुर्गों/विधवाओं/दिव्यांगजनों के पेंशन खातों, मनरेगा मजदूरों के खातों में एकमुश्त 7500 रु. डाला जाना चाहिए, जिससे वो 21 दिनों के लॉकडाउन की अवधि में अपना और परिवार का जीवन यापन कर सकें।

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मुफ्त में 10 किलो चावल व गेहूं का दिया सुझाव
उन्होंने हर राशन कार्ड धारक के परिवार के हर सदस्य को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से मुफ्त 10 किलो चावल या गेहूँ के वितरण का सुझाव दिया। साथ ही वेतनभोगी कर्मचारियों को अगले छह महीने तक ईएमआई रोकने को कहा। इस अवधि में बैंकों द्वारा लिया जा रहा ब्याज भी माफ करने को कहा। इसी तरह सरकारी कर्मचारियों के वेतन से सभी लोन किश्तों की कटौती को भी छह महीने के लिए रोका जाना चाहिए। उन्होंने माईक्रो, स्मॉल एवं मीडियम व्यवसाय से जुड़े हर सेक्टर के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा और उन्हें आवश्यक टैक्स ब्रेक, ब्याज माफी एवं देनदारियों पर छूट देने की जरूरत बताई।

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