Thursday, Apr 02, 2020
national security act rasuka imposed before release of dr kafeel khan by bjp yogi govt

डॉ. कफील पर लगाई रासुका, मथुरा की जेल से नहीं हो सकी रिहाई

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के सिलसिले में मथुरा जिला कारागार में कैद डॉ. कफील खान की जमानत पर शुक्रवार को रिहाई से पहले ही उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (RASUKA) लगा दिया गया है।

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उप्र स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने खान को मुम्बई हवाईअड्डा से 29 जनवरी को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को मथुरा के जिला कारागार से रिहा किए जाने से पहले उन पर रासुका लगा दिया गया। इस तरह, 10 फरवरी को अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें जमानत पर रिहा किए जाने के लिए दिए गए आदेश पर अमल की उम्मीद समाप्त हो गई। 

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जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि डॉ. कफील खान, पुत्र शकील खान की रिहाई का आदेश कल देर शाम मिला था। इसलिए उनकी रिहाई आज (शुक्रवार) सुबह की जानी थी। लेकिन इससे पहले ही राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ रासुका लगाए जाने की जानकारी मिली, जिसके अनुसार उन्हें रिहा करना संभव नहीं था। इसलिए रिहाई की कार्यवाही टाल दी गई। उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि रासुका के तहत डॉ. कफील को अगले एक साल तक जेल में ही निरुद्ध रखा जा सकता है। 

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भाई ने कहा, यह गैर कानूनी
डॉ कफील के भाई अदील अहमद खान ने यूपी सरकार के कदम को गैर कानूनी और मानमानी बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रिहाई में देर की जा रही थी, उससे हमें पहले से ही आशंका हो गई थी कि राज्य सरकार उन पर रासुका की कार्यवाही कर सकती है। हमें जेल अधिकारियों ने मौखिक रूप से कहा कि उन पर (कफील पर) रासुका लग गया है। यह कार्यवाही गैरकानूनी है। हम उच्च न्यायालय जाएंगे। डॉ कफील के खिलाफ अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था। 

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