Sunday, Sep 26, 2021
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navjot singh sidhu said farmers protest is the final fight against corporate takeover pragnt

किसान आंदोलन पर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा- ये संघर्ष कॉरपोरेट टेकओवर के खिलाफ अंतिम लड़ाई

  • Updated on 12/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब (Punjab) के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। सिद्धू ने कहा कि किसानों का संघर्ष कॉरपोरेट टेकओवर के खिलाफ अंतिम लड़ाई है।

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सिद्धू ने ट्वीट कर बोला हमला
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'भारत के फूड सिस्टम पर कॉरपोरेट टेकओवर के खिलाफ किसानों का संघर्ष लास्ट लाइन ऑफ डिफेंस है।' सिद्धू ने कहा, 'जिन किसानों ने देश को कई पीढ़ियों तक भोजन दिया है सरकार उन किसानों के खिलाफ आधारहीन तर्क दे रही है कि उन्हें भरमाया गया है और बरगलाया गया है।' सिद्धू ने कहा कि एक गलती को सही साबित करना उस गलती को और भी बड़ा कर सकता है।

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पूरे दिन भूख हड़ताल पर रहे किसान नेता
केंद्र के तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान संगठनों के नेताओं ने सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल कर अपने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया। इस आंदोलन को समर्थन देते हुए देशभर में जिला मुख्यालयों पर भी विभिन्न किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्हें विपक्षी दलों का भी भरपूर समर्थन मिला। इस दौरान राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान ट्रैक्टर रैली लेकर दिल्ली की ओर से रवाना हुए, जिसके चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत कई रास्तों पर दिनभर जाम लगा रहा। आंदोलनरत किसान दिल्ली आने वाले विभिन्न मार्गों को पिछले 19 दिनों से घेरे बैठे हैं।

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पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक जो संगठन जिस नाके पर डेरा डाले हुए है, उसके मुखिया ने उसी जगह रहते हुए एक दिन की भूख हड़ताल की। भारतीय किसान यूनियन दोआबा के अध्यक्ष मनजीत सिंह ने कहा कि सरकार को हमारा संदेश है कि उसकी नीतियों के कारण अन्नदाता को उपवास करना पड़ा। सरकार को तीन कृषि कानूनों को निरस्त करना चाहिए।

किसान नेता बलदेव सिंह ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सिंघू बार्डर पर भूख हड़ताल की। सुबह आठ बजे से शाम पांच तक यह भूख हड़ताल चली। किसान नेताओं ने दावा किया कि देश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी किसानों ने उनके आंदोलन के समर्थन और तीनों कानून के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगहों से किसानों को हिरासत में लेने की भी खबरें आई। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम के चलते पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसानों को तितर बितर किया और उनके ट्रैक्टरों की चाबियां छीन ली।

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