Thursday, Jun 24, 2021
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PM मोदी की 12 चुनावी रैलियों के इन क्षेत्रों पर क्या है NDA का हाल, जानें कितना पड़ा वोटरों पर असर

  • Updated on 11/10/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के नतीजों के लिए आज सुबह से ही मतगणना शुरू हो चुकी हैं। शुरूआती रुझानों में एनडीए आगे है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पीएम मोदी ने बिहार चुनाव प्रचार में दौरान कुल 12 रैलियां कीं और यहीं वो विधानसभा क्षेत्र हैं जहां सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। 

पीएम मोदी ने 23 अक्टूबर से चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया था और 3 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान के दिन अपनी आखिरी जनसभा को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने 23 अक्टूबर को सासाराम, गया और भागलपुर, 28 अक्टूबर को दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना, 1 नवंबर को छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर जबकि 3 नवंबर को पश्चिम चंपारण, सहरसा और फारबिसगंज में चुनावी रैलियों को संबोधित किया था।

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इन जगहों पर की जाने वाली रैलियों में पीएम मोदी ने खासी भीड़ जुटा ली थी। आइये जानते हैं उनके पहले चरण से तीसरे चरण तक की गई रैलियों का मतदान पर क्या प्रभाव पड़ा और मतगणना में आज कौन आगे और कौन पीछे है।

पहले चरण की वोटिंग पर क्या रहा असर 
पहले चरण में हुई वोटिंग की मतगणना में विधानसभा क्षेत्र की तीनों सीटों पर एनडीए पीछे चल रही है। इसमें सासाराम में आरजेडी के राजेश कुमार गुप्ता आगे चल रहे हैं जबकि जेडीयू के अशोक कुमार पीछे हो गए हैं। वहीँ, भागलपुर में कांग्रेस के अजित शर्मा बीजेपी के रोहित पाण्डेय से आगे हैं। दोनों के बीच करीब 2% का मार्जिनल डिफरेंस है। जबकि गया में बीजेपी के प्रेम कुमार कांग्रेस के अखौरी ओंकार नाथ से करीब 6% वोट से आगे चल रहे हैं।

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दूसरे चुनाव की वोटिंग पर पड़ा ये असर 
दरभंगा से बीजेपी के संजय सरावगी आरजेडी के अमरनाथ गामी से आगे चल रहे हैं। दोनों के बीच फिलहाल करीब 4% वोटों का अंतर बना हुआ है। जबकि मुजफ्फरपुर में कांग्रेस के बिजेंद्र चौधरी बीजेपी के सुरेश कुमार शर्मा से आगे चल रहे हैं। दोनों के बीच 10% वोटों का अंतर बना हुआ है। वहीँ पटना साहिब में कांग्रेस के प्रवीण सिंह बीजेपी के नंद किशोर यादव से काफी आगे निकल चुके हैं। दोनों के बीच करीब 30% वोटों का अंतर बना हुआ है।

जबकि फुलवारी में जेडीयू के अरुण मांझी की एकतरफा जीत पक्की है, उनके खाते में अब तक 45% से ज्यादा वोट गिर चुके हैं। वहां कांग्रेस कैंडिडेट सुरेंद्र पासवान को अब तक एक भी वोट नहीं मिल पाया है। वहीँ, सीपीआई के कैंडिडेट गोपाल रविदास को करीब 31% वोट मिले और वो दूसरे नंबर पर हैं।

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1 नवंबर को हुई छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर की रैली का असर 
छपरा से उम्मीदवार आरजेडी के रंधीर कुमार सिंह ने बीजेपी के डॉ. सीएन गुप्ता को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि दोनों के बीच 3% से भी कम वोटों का अंतर है जो कभी भी बदल सकता है। वहीँ, पूर्वी चंपारण क्षेत्र की रक्सौल विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रमोद कुमार सिन्हा कांग्रेस के रामबाबू प्रसाद यादव से आगे चल रहे हैं। 

यहां स्वतंत्र उम्मीदवार सुरेश कुमार 26% वोट के साथ दूसरे नंबर पर चल रहे हैं। उधर, समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर में जेडीयू के महेश्वर हजारी सबसे आगे हैं। जबकि सीपीआई(एमएल) के रणजीत कुमार राम दूसरे नंबर पर हैं और एलजेपी के सुंदेश्वर राम तीसरे नंबर पर हैं। हालांकि, महेश्वर हजारी ने बढ़त बनाई हुई है।

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3 नवंबर को पश्चिम चंपारण, सहरसा और फारबिसगंज की रैली का असर
प. चंपारण की वाल्मीकि नगर विधानसभा सीट पर जेडीयू कैंडिडेट धीरेंद्र प्रताप सिंह 50% वोट हासिल कर चुके हैं। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के राजेश सिंह 25% वोटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। वहीँ, सहरसा से बीजेपी कैंडिडेट आलोक रंजन के पास अब तक 57% से ज्यादा वोट आ चुके हैं और उनके प्रतिद्वंद्वी आरजेडी की लवली आनंद को 30% वोट मिल चुके हैं। उधर, फारबिसगंज में कांग्रेस के जाकिर हुसैन 49.66% वोट लेकर आगे निकल चुके हैं जबकि बीजेपी के विद्या सागर केसरी करीब 45% वोट के साथ दूसरे नंबर पर बने हुए हैं।

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