Wednesday, Jan 19, 2022
-->
ndmc property tax will not have to be paid for residential plot kmbsnt

Good News: निगम का दिल्लीवालों को तोहफा- आवासीय भूखंड के लिए नहीं देना होगा प्रॉपर्टी टैक्स

  • Updated on 8/28/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नगर निगम चुनाव आते ही निगमों में सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोकलुभावन प्रस्ताव को हरी झंडी देना शुरू कर दिया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम इलाके में रहने वाले तथा 50 मीटर में बने मकानों में रहने वाले लोगों को अब संपत्ति कर नहीं देना होगा। उत्तरी निगम में अब 50 मीटर (70 गज) तक रिहायशी मकानों भूखंडों को हाउस टैक्स में छूट दे दी है। यहीं नहीं निगम ने इन भूखंडों पर बकाया संपत्ति कर भी पूरा माफ कर दिया है।

शुक्रवार को उत्तरी नगर निगम सदन बैठक में स्थाई समिति अध्यक्ष जोगीराम जैन व नेता सदन छैल बिहारी गोस्वामी द्वारा सदन पटल पर प्रस्ताव को रखा। पूर्व महापौर जयप्रकाश ने इस प्रस्ताव को पढ़ा जिसके बाद भाजपा पार्षदों ने इस पर खुशी जताई। प्रस्ताव को महापौर राजा इकबाल सिंह ने आयुक्त की मौजूदगी में पारित कर दिया। सदन में महापौर ने कहा कि उत्तरी निगम द्वारा 50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के आवासीय भूखंडों को संपत्ति कर से मुक्त करने से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

डीयू दाखिला : फार्म भरते समय रखे विशेष सावधानी

हर वर्ग के लोगों को मिलेगा छूट का लाभ 
पूर्व महापौर जयप्रकाश ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसका लाभ 50 वर्ग मीटर तक केवल आवासीय भूखंड के तहत सभी लोगों को मिलेगा चाहे वह किसी भी वर्ग में शामिल क्यों ना हो। लेकिन व्यवसायिक भूखंडों को पूर्व की भांति ही संपत्ति कर देना होगा। उन्होंने बताया कि भाजपा शासित नगर निगम लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देना चाहती है और दे रही है। इस योजना से हर साल लगभग 8 करोड रुपए का नुकसान होगा।

1 सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार निगम के ग्लोबल शेयर का पैसा देती है जो हक है। लेकिन समय पर पैसा नहीं देने से दिक्कत होती है। जोगीराम जैन व छैल बिहारी गोस्वामी ने बताया कि ग्रामीण लाल डोरे और विस्तारित लाल डोरे में रहने वाले नागरिकों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 का संपत्ति कर का ही भुगतान करना होगा। बाकी बकाया संपत्ति कर में छूट प्रदान करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है।

दूसरी से लेकर 9वीं कक्षा तक के ईडब्ल्यूएस दाखिले का पहला कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ घोषित

व्यवसायिक संपत्तियों को देना होगा टैक्स
अनाधिकृत नियमित एवं अनाधिकृत कॉलोनियों के आवासीय संपत्ति करदाताओं को भी चालू वित्त वर्ष का संपत्ति कर जमा करवाना होगा। जबकि इससे पूर्व का बकाया संपत्ति का माफ होगा। इसके साथ ही अनधिकृत कॉलोनियों में गैर आवासीय यानी व्यवसायिक संपत्तियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के साथ पिछले 2 साल यानी वित्तीय वर्ष 2019-20 और वित्तीय वर्ष 2020-21 का संपत्ति कर जमा करना होगा। लेकिन इससे पूर्व के बकाया संपत्ति कर में छूट दे दी गई है।

गोस्वामी ने बताया कि निगम ने कोरोना महामारी के कारण दिल्ली के नागरिकों के सामने उत्पन्न कठिनाइयों को देखते हुए निगम मूल्यांकन की कुछ सिफारिशों को वापस लेने के लिए प्रस्ताव पारित कर दिया है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.