Sunday, May 22, 2022
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शिवाजी स्टेडियम को एनडीएमसी बनाएगी बस टर्मिनल सह वाणिज्यिक परिसर

  • Updated on 4/28/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) नई दिल्ली क्षेत्र में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए राजधानी शहर के मध्य में वाणिज्यिक स्थान प्रदान करने के उद्देश्य से एक नए आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शिवाजी स्टेडियम पर बस टर्मिनल सह वाणिज्यिक परिसर का निर्माण करेगी। जिसके बाद एनडीएमसी 2025 तक पूरी तरह हरित ऊर्जा पर स्विच करने वाला पहला शहरी निकाय बन जाएगा। यह जानकारी एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने दी।
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भूतल और दो मंजिला व दो बेसमेंट का बनेगा परिसर
उपाध्याय ने परियोजना का तकनीकी विवरण देते हुए बताया कि परिसर में भूतल और दो मंजिला और दो बेसमेंट का प्रावधान होगा। इस भवन की कुल ऊंचाई 14.85 मीटर होगी और ई-चार्जिंग स्टेशनों के साथ दो बेसमेंट में 113 कारों की पार्किंग की क्षमता भी होगी। भूतल पर बसों की सुचारू आवाजाही के लिए भी अलग से जगह बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि भूतल पर ऑटो-रिक्शा और कैब जैसी मल्टी-मॉडल परिवहन सुविधाओं के लिए पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट भी बनाए जाने का प्रावधान है। प्रथम तल एवं द्वितीय तल पर वाणिज्यिक/कार्यालय स्थान का कुल कवर क्षेत्र 2757 वर्ग मीटर है, जो किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा। नई दिल्ली क्षेत्र में ऐसे एक प्रमुख व्यावसायिक स्थान प्रदान करने पर एनडीएमसी को लगभग 2.4 करोड़ रुपए के किराए का राजस्व लाभ हो सकता है। 
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 परियोजना की लागत आएगी 57.4 करोड़ रूपए
उपाध्याय ने कहा कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 57.4 करोड़ रुपए है, जिसे कार्य सौंपने के बाद दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए हाल ही में एक निविदा आमंत्रित की गई है और इसकी तकनीकी बोली मई माह में खोली जाएगी। आवेदनों की जांच के बाद संबंधित विभाग वित्तीय बोली की ओर अग्रसर होगा और फिर कार्यादेश जारी किया जाएगा और अगस्त 2022 तक यह काम शुरू होने की उम्मीद है।
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 आधुनिक व पर्यावरण के अनुकूल होगा परिसर
एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने कहा कि परिसर को एक सौंदर्यपूर्ण रूप देने के लिए परिसर की फर्श पर ग्रेनाइट, दरवाजे और खिड़कियों पर लकड़ी और प्लास्टिक का उपयोग, स्टेनलेस स्टील रेलिंग और सड़कों का वैक्यूम डिवाटर ट्रिमिक्स के प्रयोग से निर्माण किया जाएगा। परिसर को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल हरित भवन बनाने के उद्देश्य से फ्लाई ऐश ईंटों के उपयोग के साथ अंदर अधिकतम प्रकाश प्राप्त करने और ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए मोटे गिलास का इस्तेमाल किया जायेगा। यह भवन पोर्टेबल पानी की आपूर्ति के लिए दोहरी वितरण प्रणाली, सीवेज उपचार संयंत्र, सौर पैनल आदि जैसी सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
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परिसर में बनेगा टैक्सी सर्विस ड्रॉप ऑफ जोन
उपाध्याय ने बताया कि परिसर में अलग से टैक्सी सर्विस ड्रॉप ऑफ जोन बनाया जाएगा। भीड़भाड़ से बचने के लिए बसों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे। आगंतुकों की सुविधा के लिए पैदल मार्ग और बैठने की जगह का प्रावधान होगा । उन्होंने कहा कि ये विशेषताएं 2025 तक पूरी तरह से हरित ऊर्जा पर स्विच करने वाला पहला शहरी स्थानीय निकाय बनने के हमारे मिशन के अनुरूप हैं। इस पहल के पीछे एनडीएमसी का मकसद क्षेत्र को सुशोभित करना, सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित करना है। जोकि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर कारोबारी माहौल में सुधार करना है।

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