Thursday, Jul 29, 2021
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कोरोना के नए रूप से घबराई दुनिया, कैसे करें बचाव? जाने चार देशों के डॉक्टरों ने क्या बताया...

  • Updated on 12/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) का दायरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इस बीच भले ही अमेरिका में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हो गया है। लेकिन ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने से एक बार फिर दुनिया में खौंफ फैल गया है।

इसी बीच ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से यात्रा कर आए कुछ लोगों के संपर्क में आने वालों में कोरोना वायरस के एक और नए वेरिएंट का पता चला है। जिसके बाद पिछले दो हफ्ते में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले सभी लोगों को खुद को आइसोलेट करने की सलाह दी गई है। अभी तक इस नए स्ट्रेन के 2 मामले सामने आए हैं। 

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नए स्ट्रेन को लेकर बढ़ी डॉक्टरों की चिंता 
गौरतलब है कि ब्रिटेन में कोरोना के बेहद तेजी से फैलने वाले नए स्ट्रेन के बाद, अब वहां वायरस का एक और नया स्ट्रेन सामने आया है, जो कि बहुत संक्रामक है। कोरोना के इस नये वेरिएंट ने ब्रिटेन में जैसे नुकसान पहुंचाया है, वैसे ही दक्षिण अफ्रीका में भी बीमारी को तेजी से फैला रहा है। 

कोरोना के नए रूप के सामने आने के बाद दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर्स की चिंताएं बढ़ गईं हैं। लोग जानना चाहते हैं कि इस नए कोरोना वायरस के रूप से कितना खतरा है और इससे डरना चाहिए या नहीं। इस बारे में दुनिया के 4 देशों के डॉक्टरों ने नए स्ट्रेन को लेकर सतर्क रहने को कहा है।  उन्होंने कहा है कि इससे घबराना या डरना नहीं है लेकिन जो गाइडलाइन्स दी गई हैं उनका पालन जरूर करना होगा। 

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क्या कहा डॉक्टरों ने 
इस बारे में लंदन के एसोसिएट स्पेशलिस्ट डॉक्टर विक्रम तलाउलिकर ने कहा कि कोरोना के नए स्ट्रेन से डरना नहीं चाहिए, न ही पैनिक होना चाहिए। कोरोना का सितंबर और दिसंबर में भी ज्यादा से ज्यादा इंफेक्शन देखा गया। जैसा कि परखा गया है कि नया स्ट्रेन 70 फीसदी ज्यादा ट्रांसमिट करता है। 

वहीँ, डॉक्टर विक्रम ने कहा कि इस वायरस के लक्षण ज्यादा खतरनाक नहीं पाए गए हैं। हालांकि लक्षण वही रहेंगे। इस बीमारी से मरने की संभावना भी ज्यादा नहीं होगी और न ज्यादा खतरनाक साबित होगा। लेकिन इसका ट्रांसमिशन ज्यादा होगा। इसकी वजह से मेडिकल स्टाफ पर लोड बढ़ जाएगा। निदान के लिए सावधानी और टेस्टिंग बढ़ानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फ़िलहाल इंग्लैंड की स्थिति अभी कंट्रोल में है। 

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नए स्ट्रेन के परिणाम होंगे...
इस बारे में अमेरिका के सेंट ज्यूड्स हॉस्पिटल के डॉक्टर असीम अंसारी ने कहा कि इसके लक्षण कुछ अलग होंगे या ज्यादा बुरे नहीं लग रहे हैं लेकिन नए तरीके से जो वायरस आया है वो आसानी से वायरस फैला सकता है। हालांकि इसकी जो दवाएं हैं वो भी कारगार हो सकती हैं लेकिन इसमें बदलाव नहीं होगा। 

डॉक्टर अंसारी ने कहा कि बीमारी आसानी से लोगों में फैलेगी। बीमारी अगर बढ़ेगी तो मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए लोगों को गंभीरता के साथ मास्क लगाना होगा और कोरोना निर्देशों का पालन करना होगा। 

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