Saturday, Mar 23, 2019

नए शोध से तूफान के प्रभावों को आसानी से समझने में मिलेगी मदद

  • Updated on 2/24/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। वैज्ञानिकों ने मिट्टी की नमी और तापमान के बारे में पांच दशकों के आंकड़े जमा करने में सफलता हासिल कर ली है, अब इसकी मदद से किसी क्षेत्र में तूफान की वजह से पड़ने वाले प्रभावों का अधिक सटीक ढंग से पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।

जवान रहने के लिए पीजिए कॉकरोच का दूध! पढ़ें हैरान करने वाली ये रिपोर्ट

गौरतलब है भारतीय मानसून के तहत गरज के साथ तेज बारिश से थोड़े ही समय में किसी इलाके में दर्जनों इंच की वर्षा हो सकती है और बाढ़ आ सकती है। इसके चलते हजारों लोगों की मौत हो जाती है। शोध में कहा गया है कि अगर इसका बेहतर तरीके से पूर्वानुमान लग सके कि कब, कहां और कितनी बारिश होगी, तो जान-माल की तबाही बचाई जा सकती है। 

पेड़ लगाने में सबसे आगे हैं दुनिया के ये देश- NASA अध्ययन

इस शोध में आईआईटी भुवनेश्वर और एनआईटी राउरकेला के वैज्ञानिक शामिल हैं। इन लोगों ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से दशकों से मिट्टी की नमी और उसके तापमान के आंकड़े जमा करने में सफलता हासिल की है और इसके लिए उपग्रह तकनीक का भी सहारा लिया गया है। यह अध्ययन वैज्ञानिक पत्रिका ‘साइंटिफिक डेटा’ में प्रकाशित हुआ है। 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.