Monday, Oct 25, 2021
-->
next-year-india-have-coronavirus-vaccine-from-more-than-one-source-prsgnt

देश को अगले साल मिल जाएगी कोरोना की 2 वैक्सीन! स्वास्थ्य मंत्री ने बताई क्या है आगे की रणनीति....

  • Updated on 10/13/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में अगले साल तक कोरोना वायरस (Corona Virus) वैक्सीन आ सकती है। इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी उम्मीद जताते हुए कहा है कि अगले साल की शुरुआत तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी। 

मंत्रियों के समूह (GoM) की 21वीं बैठक में बोलते हुए हर्षवर्धन ने इस बारे में जानकारी मीडिया के साथ सांझा की। इस दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस.जयशंकर भी उनके साथ मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, 'हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में हमें एक से अधिक स्रोतों से कोरोना वायरस की वैक्सीन मिल जाएगी। हमारे विशेषज्ञ समूह देश में वैक्सीन के वितरण की योजना बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।'

इससे पहले संडे संवाद में बोलते हुए उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर हमने अपने पर्व-त्योहारों के दौरान कोरोना वायरस से जुड़े आचार-व्यवहार का अनुसरण करने में कोताही बरती तो कोरोना एक बार फिर विकराल रूप ले सकता है और हम सबके लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया का कोई भी भगवान ये नहीं कहता है कि आप अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर त्योहार मनाएं। इसलिए मैं अपील करता हूं कि त्योहारों के दौरान दो गज की दूरी ,मास्क है जरूरी नियम का पालन करें और अपने घर में परिवार के साथ ही त्योहार मनाए।

देशवासियों की सावधानियों की वजह से देश में  7 अक्टूबर के बाद से संक्रमितों की संख्या में काफी कमी देखी गई है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना वायरस की पहली लहर देश में खत्म हो रही है लेकिन ये पहली लहर उस वक्त खत्म हो रही जब त्योहार पास आ गए हैं। ऐसे में ये अब एक चिंता का विषय बन गया है कि कई त्योहारों में अगर लापरवाही बरती गई तो ये देश में इस वायरस की दूसरी लहर न आ जाए। बताते चले कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 71 लाख के पार पहुंच गए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.