Thursday, Oct 28, 2021
-->
ngt pulls up uttar pradesh bjp yogi government operating industries in residential areas rkdsnt

NGT ने की योगी सरकार की खिंचाई, कहा- कानून के शासन के प्रति जरा भी सम्मान है तो...

  • Updated on 9/4/2020


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने रिहायशी क्षेत्रों से औद्योगिक इकाइयों को नहीं हटाने के लिए उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि अगर कानून के शासन के प्रति जरा भी सम्मान की भावना है तो वह आदेश को लागू करे। 

सुशांत प्रकरण के बीच IPS अधिकारियों के तबादले, शिवसेना ने किया फैसले का बचाव

जस्टिस आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि राज्य 7 साल पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी आदेश को लागू करने में नाकाम रहा है। हरित अधिकरण ने कहा कि हालांकि राज्य के वकील ने दलील दी कि कदम उठाए गए हैं लेकिन रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं उपलब्ध है। पीठ ने कहा, ‘‘आगे तेजी से कदम उठाएं और 31 दिसंबर, 2020 को उत्तरप्रदेश के संबंधित प्रधान सचिव के हलफनामे के रूप में रिकॉर्ड पर स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।’’ 

गैर-भाजपा दलों के हमलों के बीच फेसबुक ने दी सफाई, कहा- राजनीतिक पूर्वाग्रह के आरोप गलत

पीठ ने कहा, ‘‘निरीक्षण समिति भी मामले में अलग से अपनी रिपोर्ट दे सकती है। अगली सुनवाई के पहले ई-मेल के जरिए रिपोर्ट दाखिल किए जाएं।’’ एनजीटी ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य के प्राधिकार ने मुद्दे पर विचार नहीं किया और राज्य की ओर से दाखिल हलफनामे में भी मुद्दे के समाधान का जिक्र नहीं किया गया। 

सुशांत जांच मामला: हाई कोर्ट की हिदायत के बाद CBI ने भी मीडिया को किया अलर्ट

पीठ उत्तरप्रदेश निवासी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने उत्तरप्रदेश के रिहायशी क्षेत्रों खासकर मथुरा शहर में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के संचालन के संबंध में याचिका दायर की थी। 

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने के लिए कोर्ट अवमानना की शक्ति का दुरूपयोग : भूषण

 

 

 

 

कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरों को यहां पढ़ें...

comments

.
.
.
.
.