Thursday, Nov 14, 2019
NGT sought report Uttar Pradesh Haryana Punjab action taken to stop tstubble burning

पराली जलाने पर NGT सख्त! यूपी, पंजाब और हरियाणा से मांगी रिपोर्ट

  • Updated on 10/15/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) सरकार से पराली जलाने (stubble burning) पर रोक लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट को 15 नवंबर तक जमा करने के लिए कहा गया है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी की जाएगी। 

दिल्ली एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है पराली जलाने से उठ रहा धुआं। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई और सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 271 पर पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता के और खराब होने के कारण ये 300 के पार पहुंच गया है।  

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वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’
आसपास के क्षेत्रों गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत, मुरथल में भी 290 तक वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में करनाल जिले के अलीपुर खालसा (351) और पानीपत (339) में हवा की गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ हो गई।

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रोजाना गिरती जा रही वायु गुणवत्ता
केंद्र सरकार द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं आज यानी 15 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रदूषण का छह फीसदी हिस्सा होगा। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के 10 सदस्यीय कार्य बल ने भी इस मामले पर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं और दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर एक बैठक की थी। इसके बावजूद दिल्ली में हवा की गुणवत्ता रोजाना गिरती जा रही है।  

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