Friday, May 14, 2021
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निर्भया कांड को 8 साल पूरे, आशा देवी बोलीं- न्याय मिला, लेकिन अब भी बदलाव जरूरी

  • Updated on 12/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज से 8 साल पहले पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने देश की रूह को कंपा दिया था। निर्भया गैंग रेप कांड (Nirbhaya Gang Rape Case) को आज 8 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब भी देश की न्यायिक व्यवस्था में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं महिलाओं के प्रति अपराधों की खबर से अखबार आज भी भरे मिलते हैं। ऐसे में निर्भया की मां का कहना है कि निर्भया को लंबी लड़ाई के बाद न्याय मिला, लेकिन वो अब भी चुप नहीं बैठेंगी। 

निर्भया की मां आशा देवी का कहना है कि मैं सभी बलात्कार पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ती रहूंगी। सभी को मिलकर बलात्कार के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। मेरी बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध को आज 8 साल हो चुके हैं। हमारा मामला स्पष्ट था और फिर भी न्याय पाने के लिए 8 साल लग गए। सरकार और न्यायालयों को यह सोचने की आवश्यकता है कि इसमें इतना समय क्यों लगा, और कानूनों में बदलाव करना चाहिए। 

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20 मार्च को निर्भया को मिला था न्याय
बता दें कि इसी साल 20 मार्च को निर्भया के दोषियों को फांसी दे दी गई। तिहाड़ जेल में सुबह 5.30 मिनट  पर निर्भया के चारों दोषियों मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को फांसी दे दी गई थी। इसके बाद जेल के निदेशक संदीप गोयल ने की जांच कर चारों को घोषित किया। 

पीएम मोदी ने बताया था न्याय की जीत
इस खबर के बाद पूरे देश में एक खुशी और संतोष की लहर थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चारों की फांसी के बाद इसे न्याय की जीत बताया। देशवासियों का भरोसा एक बार फिर से देश की न्यायिक व्यवस्था मजबूत हुआ। हालांकि पूरा केस स्पष्ट होने के बाद भी न्याय मिलने में करीब 7 साल से अधिक का समय लगा। ऐसे में न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठते रहे कि देश की न्यायिक व्यवस्था आखिर इतनी कमजोर क्यों हो जाती है कि पूरा केस स्पष्ट होने के बाद भी न्याय मिलने में सालों लग जाते हैं?

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न्यायिक व्यवस्था में बदलाव की अपील
निर्भया के बाद न जाने कितनी महिलाओं को दरिंदगी का शिकार होना पड़ा लेकिन न्यायिक व्यवस्था में कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिला। यही सवाल निर्भया की मां का भी है, उन्होंने सरकार और न्यायपालिका दोनों से ही बदलाव की अपील की है, ताकि न्यायिक व्यवस्था पर देशवासियों का भरोसा मजबूत हो। 

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