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nirmala sitharaman apologized for the long budget speech

Budget 2020: निर्मला सीतारमण ने लंबे बजट भाषण पर माफी मांगी, कही ये बात

  • Updated on 2/9/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने लंबे बजट (Budget 2020) भाषण के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले संसद में उनका दो घंटे से अधिक समय का बजट भाषण जरूरी था क्योंकि अर्थव्यवस्था के प्रत्येक पहलू को तवज्जो दी जानी थी। उन्होंने कहा कि यदि इससे लोगों को असुविधा हुई तो वह खेद व्यक्त करती हैं।

सीतारमण से जब पूछा गया कि क्या इतना लंबा भाषण देना जरूरी था, तो उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत थी। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा,‘इसकी आवश्यकता थी। निश्चित रूप से इसकी जरूरत थी। मैंने पानी पीने के बाद बचे हुए हिस्से को पूरा किया।’ 

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने एक फरवरी को संसद में दो घंटे से भी अधिक समय का बजट भाषण दिया था। इस दौरान एक समय उनकी सांस भी फूलने लगी थी। हालिया दशकों में ऐसा पहली बार देखने को मिला था। वित्त मंत्री ने कहा, ‘माफ कीजिए। मैं आपकी बात से सहमत हूं। आप सभी को असुविधा हुई होगी।’

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डेटा विश्लेषण, कृत्रिम मेधा से जीएसटी संग्रह बेहतर करने में मदद मिली
माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में डेटा विश्लेषण और कृत्रिम मेधा के उपयोग से बड़ी मदद मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि जीएसटी संग्रह में सुधार के लिए सरकार ने ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनसे व्यवस्था की खामियों को दूर करने के साथ-साथ उसके दुष्प्रयोग से बचाव किया जा सके। 

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जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पिछले तीन माह के दौरान जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहा है। वह यहां बजट 2020-21 पर हितधारकों के साथ चर्चा के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की बैठकों में राज्य के वित्त मंत्रियों ने जीएसटी व्यवस्था की कई खामियां उजागर की थीं। इससे सरकार का राजस्व संग्रह प्रभावित हो रहा था।  

सीतारमण ने कहा कि इन खामियों को दूर करने और व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए। इसे समझाते हुए राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि डेटा विश्लेषण और कृत्रिम मेधा के उपयोग से जीएसटी संग्रह बेहतर करने में मदद मिली है। 

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