Saturday, Feb 29, 2020
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IMF ने घटाई भारत की विकास दर, कहा- 4.8 रहने की उम्मीद

  • Updated on 1/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारतीय अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर अनुमान जताया है। उसने इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को  लेकर अच्छी खबर नहीं दी है आईएमएफ ने अपने अनुमान में सकल घरेलू उत्पाद की बढ़त को 4.8 फीसद कर दिया है। बता दें अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथन ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था का असर दुनिया पर हो रहा है। जिस कारण हमें दुनिया की विकास दर घटानी पड़ रही है। 

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क्या बोला IMF
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने सोमवार को भारत सहित वैश्विक आॢथक वृद्धि परिदृश्य के अपने अनुमान को कम किया है। इस वैश्विक संगठन ने इसके साथ ही व्यापार व्यवस्था में सुधार के बुनियादी मुद्दों को भी उठाया है। उसने भारत समेत कुछ उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अचंभे में डालने वाली नकारात्मक बातों का हवाला देते हुए कहा कि 2019 में वृश्विक आर्थिक वृद्धि (GDP) की दर 2.9 प्रतिशत रह सकती है।         
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2021 में भी आएगी कमी
आईएमएफ के ताजा अनुमान के अनुसार 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत रहेगी। जबकि 2020 में इसमें थोड़ा सुधार आयेगा और यह 3.3 प्रतिशत (Percent)  पर पहुंच जायेगी। उसके बाद 2021 में 3.4 प्रतिशत रहेगी। इससे पहले आईएमएफ ने पिछले साल अक्टूबर में वैश्विक वृद्धि का अनुमान जारी किया था। उसके मुकाबले 2019 और 2020 के लिये उसके ताजा अनुमान में 0.1 प्रतिशत कमी आई है जबकि 2021 के वृद्धि अनुमान में 0.2 प्रतिशत अंक की कमी आई है। #Amazon निवेश को लेकर कांग्रेस ने पीयूष गोयल को लिया आड़े हाथ

आर्थिक वृर्द्धि में आएगी कमी
मुद्राकोष ने कहा, आर्थिक वृद्धि के अनुमान में जो कमी की गयी है, वह कुछ उभरते बाजारों में खासकर भारत में आर्थिक गतिविधियों को लेकर अचंभित करने वाली नकारात्मक (Negative) बातें हैं। इसके कारण अगले दो साल के लिये वृद्धि संभावनाओं का फिर से आकलन किया गया। कुछ मामलों में यह आकलन सामाजिक असंतोष के प्रभाव को भी प्रतिबिंबित करता है। भारत में जन्मीं आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि मुख्य रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में नरमी तथा ग्रामीण क्षेत्र की आय में कमजोर वृद्धि के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान कम हुआ है।     

 

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